ईरान और रूस की नौसेना अभ्यास में मंगलवार को भारत भी शामिल हुआ। हिंद महासागर के उत्तरी हिस्से में हुए इस दो दिनी अभ्यास को ‘ईरान-रूस समुद्री सुरक्षा क्षेत्र 2021’ नाम दिया गया है। इस ड्रिल के प्रवक्ता गोलामरेजा तहानी के बताया कि ईरान की सेना व इस्लामी रिवोल्युशनरी गार्ड के सैन्य बलों और वेसल्स समूह ने नौसेना अभ्यास में भाग लिया।
17,000 स्क्वायर किलोमीटर के दायरे में होगा युद्धाभ्यास
प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय नौसेना ने भी अपने कुछ विशेष वेसल्स समूह के साथ इसमें भाग लिया। उन्होंने कहा कि हम जो रूस के साथ संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं इसमें अन्य देश भी भाग ले सकते हैं। इस बीच ईरानी नौसेना के कमांडर होसेन खंजादी ने कहा कि चीन की नौसेना भी इस संयुक्त अभ्यास में भाग लेगी।
यह ड्रिल 17,000 स्क्वायर किलोमीटर के दायरे में होगी। इससे पहले साल 2019 में दोनों देशों के साथ चीन ने भी चार दिवसीय अभ्यास में हिस्सा लिया था। अमेरिका से बढ़े तनाव के बीच ईरान, चीन और रूस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है।