भारत और सूरीनाम ने सोमवार को स्वास्थ्य, कृषि और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में तीन प्रमुख समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति मुर्मू और उनके सूरीनाम के समकक्ष चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी बयान में कहा गया, राष्ट्रपति मुर्मू अपनी पहली राजकीय यात्रा पर सूरीनाम में आकर खुश हैं। सूरीनाम में भारतीयों के आगमन की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। राष्ट्रपति ने टिप्पणी की कि सूरीनाम, भारत की तरह, एक विविध राष्ट्र है जहां कई जातियों, भाषाओं और धर्मों के लोग रहते हैं। उनके अनुसार, भारत और सूरीनाम के बीच विविध और समकालीन मित्रता मजबूत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर बनी है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों का द्विपक्षीय वाणिज्य अपनी क्षमता से काफी कम है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रक्षा, कृषि, आयुर्वेद और फार्मास्यूटिकल्स सहित उद्योगों में अधिक सहयोग की गुंजाइश है। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद, राष्ट्रपति ने अपने समकक्ष को भारत से दवाएं सौंपी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से किया गया सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सूरीनाम में सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। मुर्मू ने सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी से पुरस्कार प्राप्त किया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद मुर्मू ने कहा कि यह सम्मान पूरे भारत के लोगों के लिए महत्व रखता है। राष्ट्रपति ने कहा कि "मैं यह सम्मान भारतीय-सूरीनाम समुदाय की आने वाली पीढ़ियों को भी समर्पित करती हूं, जिन्होंने हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"
बता दें कि भारत से सूरीनाम की आखिरी राष्ट्रपति यात्रा 2018 में हुई थी। भारत, सूरीनाम के संबंध मैत्रीपूर्ण हैं और भारतीय डायस्पोरा के कारण विशेष महत्व रखते हैं, जो सूरीनाम की आबादी का 27 प्रतिशत से अधिक है। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) सौरभ कुमार ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के निमंत्रण पर 4-6 जून की राजकीय यात्रा पर सूरीनाम में हैं। यह उनकी सूरीनाम की पहली यात्रा होगी। राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद उनकी पहली राजकीय यात्रा भी होगी।