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UN में महिला नेतृत्व का समर्थन: भारत बोला- आधी आबादी के लिए नीति पर सरकार की जोर, प्रशासन में 10 लाख+ महिलाएं

Thu, 18 Jun 2026 12:16 PM IST
अमन तिवारी एएनआई, न्यूयॉर्क

सार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने महिला सशक्तिकरण और शांति स्थापना में अपनी उपलब्धियों को रेखांकित किया। यहां भारत ने स्थानीय शासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारतीय महिला शांति रक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में महिला सशक्तिकरण और शांति स्थापना के क्षेत्र में अपनी बड़ी उपलब्धियों को गर्व से पेश किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने बताया कि भारत में स्थानीय शासन के स्तर पर 10 लाख से अधिक महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 'महिला आरक्षण अधिनियम 2023' के साथ अब यह व्यवस्था भारतीय संसद में भी लागू होगी।
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राजदूत ने क्या कहा?
राजदूत पर्वतनेनी ने कहा कि भारत का अनुभव बताता है कि जब महिलाओं को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाया जाता है, तभी स्थायी परिणाम मिलते हैं। भारत में महिलाओं ने हमेशा ऊंचे पदों की जिम्मेदारी संभाली है। देश में महिला सरकार प्रमुख और संसद की अध्यक्ष रही हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि वर्तमान में भारत की राष्ट्रपति भी एक महिला हैं। भारत सरकार 'महिला नेतृत्व वाले विकास' के मॉडल पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को देश की आर्थिक प्रगति की मुख्य ताकत बनाना है।

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भारत सरकार डिजिटल और वित्तीय समावेशन, सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT), शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। भारतीय सशस्त्र बलों में भी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। राजदूत ने कहा कि स्वतंत्र और मजबूत महिलाएं समाज को एकजुट रखती हैं।

शांति अभियानों के क्षेत्र में भारत का रिकॉर्ड
शांति अभियानों के क्षेत्र में भी भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा है। भारत पहला देश था जिसने लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिए पूरी तरह महिला पुलिस इकाई भेजी थी। इस कदम ने लाइबेरिया की हजारों महिलाओं को अपनी राष्ट्रीय पुलिस में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान में 160 से अधिक भारतीय महिला शांति रक्षक दुनिया के विभिन्न देशों में तैनात हैं। दिल्ली में भारतीय सेना का केंद्र 2016 से दुनिया भर की महिला सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। पिछले साल भारत ने 35 देशों की महिला शांति रक्षकों के लिए एक सम्मेलन भी आयोजित किया था।
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भारतीय महिला शांति रक्षकों के काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सम्मान मिला है। 2019 और 2024 के बाद हाल ही में 2026 में मेजर अभिलाषा बराक को 'संयुक्त राष्ट्र जेंडर एडवोकेट अवार्ड' मिला है। राजदूत पर्वतनेनी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि जो समाज महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और राजनीतिक रूप से प्रतिनिधित्व देता है, वह संघर्षों से जल्दी उबरता है। महिलाओं के बिना स्थायी शांति का रास्ता तय नहीं किया जा सकता।
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