देश में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े शोध से पता चला है कि पिछले दस साल में सीजेरियन से बच्चों के जन्म के मामले दोगुना हो गए हैं। ब्रिटेन के लैंसेट जर्नल में छपे शोधपत्रों में खुलासा किया गया है कि भारत में बच्चे को जन्म देने की प्रक्रिया में सीजेरियन ऑपेरेशन के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है जो एक अच्छा संकेत नहीं है।
दोगुना हुए सीजेरियन के मामले
आंकड़ों के मुताबिक 2005-6 में सिजेरियन के जरिए बच्चे को जन्म देने वाली मां के 9 फीसदी मामले थे, जबकि 2015-16 में ऐसे मामले बढ़ कर 18.5 फीसदी हो गए हैं। इस तरह भारत में दस साल में सीजेरियन से बच्चों के जन्म के मामले दोगुना हो गए हैं।
इनमें कहा गया है कि कम आय वाले देशों में महिलाओं और बच्चों के लिए जीवन रक्षक सर्जरी उपलब्ध नहीं है। मध्य और उच्च आय वाले देशों में सीजेरियन का अत्यधिक इस्तेमाल हो रहा है। सीजेरियन में मां और शिशु दोनों को खतरा रहता है। साथ ही दूसरे बच्चे के जन्म की प्रक्रिया में कठिनाई होती है।
कैंसर में 25 % मामले ब्रेस्ट कैंसर के
भारत में महिलाओं को होने वाले कैंसर में 25 फीसदी मामले ब्रेस्ट कैंसर के हैं। एक सर्वे के रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ है जिसमें देश के 10 महानगरों के 2225 लोगों पर अध्य्यन किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी है। करीब 60 फीसदी महिलाएं इस खतरे के बारे अपने परिवार और दोस्तों से भी बात नहीं कर पाती हैं।