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ब्रिटेन के व्यापार मंत्री बोले: भारत के साथ इसी साल हो सकता है FTA, नहीं बढ़ाया जाएगा मुक्त आवाजाही वीजा

Sun, 22 Jan 2023 06:38 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

व्यापार मंत्री ने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे द्वारा हस्ताक्षरित एफटीए विशिष्ट देश के अनुरूप हो। जिस तरह की मोबिलिटी की पेशकश मैं ऑस्ट्रेलिया जैसे देश के लिए कर सकता हूं, उस तरह की पेशकश भारत जैसे देश के साथ कर सकता हूं।
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ऋषि सुनक और नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ब्रिटेन के व्यापार मंत्री ने कहा है कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस साल होने की उम्मीद है, लेकिन इसमें भारतीयों के लिए मुक्त आवाजाही वीजा की पेशकश को बढ़ावा नहीं मिलेगा। केमी बाडेनोक पिछले महीने छठे दौर की वार्ता शुरू करने के लिए दिल्ली आए थे। इस दौरान उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ वार्ता की थी। केमी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का पिछले साल दिवाली तक डील संभव नहीं थी और इसे बदलना पड़ा। 

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हाल ही में 'द टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में ब्रिटेन के व्यापार मंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के साथ किए गए एफटीए के बीच किसी भी बड़ी समानता को भी खारिज किया। भारतीय नागरिकों को अधिक मुक्त वीजा पेशकश करने को लेकर केमी बोडेनोक ने कहा, हमने यूरोपीय संघ (ईयू) को इसलिए छोड़ दिया था, क्योंकि हम मुक्त आवाजाही में भरोसा नहीं करते थे, हमें लगता था कि यह काम नहीं कर रहा है। यह कोई ऐसी डील नहीं है, जो भार के साथ किसी प्रकार की मुक्त आवाजाही पर बात कर रहा है। 

मंत्री ने कारोबारी आवागमन जैसे मुद्दों पर रियायतें देने का संकेत दिया, लेकिन भारतीयों को ऑस्ट्रेलिया की तरह ही डील मिलने की संभावना से इनकार किया, जो 35 वर्ष से कम उम्र के लोगों को ब्रिटेन में तीन साल तक रहने और काम करने की अनुमति देता है। इस महीने की शुरुआत में लॉन्च की गई यू-इंडिया यंग प्रोफेशनल्स स्कीम इस बाधा को दूर कर सकती है। इसके तहत 18 से 30 वर्षीय स्नातकों को दो साल तक किसी भी देश में रहने और काम करने के लिए वीजा प्रदान करने की योजना है। 

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व्यापार मंत्री ने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे द्वारा हस्ताक्षरित प्रत्येक व्यापार समझौता (एफटीए) विशिष्ट देश के अनुरूप हो। जिस तरह की मोबिलिटी की पेशकश मैं ऑस्ट्रेलिया जैसे देश के लिए कर सकता हूं, उस तरह की पेशकश भारत जैसे देश के साथ कर सकता हूं, जहां कई गुना आबादी है।

उन्होंने 'द टाइम्स' को बताया, ब्रिटेन के लोग जब ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करते हैं तो वे जो करना चाहते हैं, वह शायद भारत की यात्रा के दौरान वे जो करते हैं उससे थोड़ा अलग और विपरीत होता है।  उन्होंने कहा, 'व्यापार सचिव बनने के बाद से मैंने जिन चीजों को बदला है, उनमें 'डील बाय दिवाली' मंत्र भी शामिल है। मैं लोगों को बताता हूं कि यह डील के बारे में है, दिन के बारे में नहीं। मुझे लगता है कि एक निश्चित दिन जहां सब कुछ पूरा करने की आवश्यकता होती है, बातचीत में सहायक नहीं है क्योंकि दूसरा पक्ष समय पर चाल चल सकता है।
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जॉनसन की भारत यात्रा के दौरान तय हुई थी समयसीमा
पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पिछले साल अप्रैल में भारत की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने एफटीए के लिए समयसीमा दिवाली (2022) तक तय की थी। लेकिन ब्रिटेन में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच समय सीमा पर एफटीए नहीं हो पाया था। तब से एक नई समय सीमा निर्धारित करने के लिए अनिच्छुक हैं। बाडेनोक ने कहा,  मुझे लगता है कि इस साल एक डील है। पता नहीं कब। लेकिन थोड़ी देर बाद अगर चीजें समाप्त नहीं होती हैं तो लोग बस दोनों तरफ आगे बढ़ते हैं। मैं इस साल एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बहुत उत्सुक हूं। 

ब्रिटेन सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में लगभग 29.6 बिलियन पाउंड प्रति वर्ष है। दोनों पक्षों ने पिछले साल की शुरुआत में औपचारिक रूप से एफटीए वार्ता शुरू की थी, जिसमें सुनक ने एफटीए की दिशा में तेज गति से काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
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