भारत और फ्रांस ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण खनिज, आर्थिक संप्रभुता और सुरक्षा नीतियों में आपसी सहयोग बढ़ाने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की। दोनों देशों ने उद्योगों के बीच संबंध और मजबूत करने पर भी विचार किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग, ऊर्जा और डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेक्योर ने फ्रांस के ऐक्स-एन-प्रोवेंस में भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय संवाद (ईएफडी) की सह-अध्यक्षता की।
बयान में क्या कहा गया?
आधिकारिक बयान के अनुसार, जैसे-जैसे भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंध विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत गहरे हो रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण, द्विपक्षीय सहयोग और परिणाम आधारित समाधान पर उच्च स्तरीय बातचीत फिर से शुरू करना जरूरी हो गया है।
बहुपक्षीय मंचों पर बेहतर होगा तालमेल
इस संवाद के दौरान दोनों देशों ने जी20 और पेरिस क्लब जैसे बहुपक्षीय आर्थिक मंचों पर अपने रुख का अधिक तालमेल करने पर चर्चा की। दोनों मंत्रियों ने वैश्विक आर्थिक स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
उन्होंने चर्चा की कि भारत और फ्रांस मिलकर महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग कैसे बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही दोनों देशों ने अपनी आर्थिक संप्रभुता और सुरक्षा नीतियों पर बात की और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया। उच्च गति वाली रेल परियोजनाओं में भी सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई, जो पहले हुए रेल समझौते के बाद आगे बढ़ रहे हैं।
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भविष्य की योजनाओं का किया स्वागत
दोनों देशों के नेताओं ने वित्तीय उद्योगों को आपस में जोड़ने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की और भारत में फ्रांसीसी विकास एजेंसी के काम को आर्थिक विकास के लिए अहम माना। साथ ही उन्होंने भविष्य की परियोजनाओं का स्वागत किया।
दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई कि आर्थिक, वित्तीय, तकनीकी, निवेश और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए इस संवाद को मुख्य मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि इस संवाद का अगला संस्करण वर्ष 2027 में आयोजित करने पर विचार किया जाएगा।