Climate Change: भारत इस साल भी जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों के मामले में 63 देशों की सूची में शीर्ष-10 में बना हुआ है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में भारत दो स्थान खिसककर 10वें स्थान पर आ गया है।
भारत इस साल भी जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों के मामले में 63 देशों की सूची में शीर्ष-10 में बना हुआ है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में भारत दो स्थान खिसककर 10वें स्थान पर आ गया है। इसकी वजह यह है कि प्रति व्यक्ति उत्सर्जन (हर व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला प्रदूषण) में कमी आई है और देश के नवीकरणीय उर्जा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
यह जानकारी 'क्लाइमेट चेंज परफॉर्मेंस इंडेक्स' (सीसीपीआई 2025) में दी गई है, जिसे जर्मनवॉच, न्यू क्लाइमेट इंस्टीट्यूट और क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क इंटरनेशनल जैसे संगठनों ने तैयार किया है। इस रिपोर्ट में दुनिया के उन देशों के बारे में जानकारी दी गई है, जो सबसे ज्यादा प्रदूषण करते हैं।
इसमें यह भी बताया गया है कि ये देश जलवायु परिवर्तन से निपटने में कितनी प्रगति कर रहे हैं। इसमें देखा जाता है कि देश कितनी नवीकरणीय उर्जा (जैसे सौर और पवन उर्जा) का उपयोग कर रहे हैं और उनकी जलवायु नीति कितनी प्रभावी है।
विज्ञापन
सीसीपीई में 63 देशों और यूरोपीय संघ का मूल्यांकन किया जाता है, जो दुनिया के कुल उत्सर्जन के 90 फीसदी के लिए जिम्मेदार हैं। इस साल की रिपोर्ट में भारत इस सूची में दसवें स्थान पर है, जो अभी भी उच्च प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की जलवायु नीति में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना कम है।