अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारत-रूस के बीच एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील पर कहा कि भारत ऐसी कोई तकनीक न खरीदे जिससे हमारे पांचवें जेनरेशन के विमानों को खतरा पैदा हो। अमेरिकी उप रक्षा सचिव डेविड ट्रैचटेनबर्ग ने गुरुवार को तुर्की के साथ एफ-35 फाइटर जेट का सौदा रद्द करने के दौरान यह बयान दिया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए उत्सुक है। लेकिन यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका रूस से एस- 400 मिसाइल रक्षा प्रणाली सहित सैन्य उपकरणों की खरीद करने वाले किसी भी देश के खिलाफ है जिसे अमेरिका के पांचवे जनेरेशन के विमानों को खतरा पैदा हो।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारी रक्षा साझेदारी मजबूत है और हम इसे और अधिक मजबूत बनाना चाहते हैं। उनकी यह टिप्पणी डोनाल्ट ट्रंप के उस फैसले के एक दिन बाद आई है जिसमे अमेरिका ने तुर्की को एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के कारण अपने एफ-35 लड़ाकू विमानों को देने का समझौता रद्द कर दिया था।
भारत ने पिछले साल अक्टूबर में रूस के साथ 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से S-400 मिसाइल सिस्टम के एक बैच की खरीद के लिए समझौता किया है।