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नया पैंतरा: अब ड्रैगन ने अलापा शांति का राग, कहा- चीन का दुश्मन नहीं है भारत

Mon, 14 Sep 2020 02:23 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
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भारत-चीन - फोटो : iStock
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लद्दाख सीमा पर पिछले कई महीनों से तनाव जारी है। चीन की तरफ से की जा रही घुसपैठ की कोशिश आग में घी डालने का काम कर रही है। मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को कड़े शब्दों में जवाब दिया है। 

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वहीं, चीन की तरफ से दोनों देशों के बीच शांति बहाली की बात कही जा रही है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि बीजिंग ने नई दिल्ली को लेकर अपने रूख में कोई परिवर्तन नहीं किया है। गौरतलब है कि इस अखबार ने कई दफा भारत के साथ युद्ध करने की बात को दोहराया था। 


अखबार ने कही ये बात
ग्लोबल टाइम्स ने कहा, हम भारत को दुश्मन की तरह नहीं देखते हैं। भारत को लेकर हमारी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और मजबूत बनाने के लिए हम भारत से सहयोग करने के लिए तैयार हैं। इसने कहा, पुरानी स्थिति बहाल होने में थोड़ा वक्त जरूर लगेगा, दोनों देशों को एक दूसरे से मुलाकात करते रहना होगा।
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चीन को दिया कड़ा संदेश
वहीं, संसद के मानसून सत्र के शुरू होने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जब तक दवाई नहीं तब तक कोई ढिलाई नहीं। हम चाहते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने से जल्द से जल्द इसकी वैक्सीन विकसित हो, हमारे वैज्ञानिक सफल हों और हम इस समस्या से सभी को बाहर निकालने में सफल हों। मुझे विश्वास है कि सभी सदस्य मिलकर संदेश देंगे कि पूरा देश जवानों के साथ खड़ा है जो सीमा पर डटकर मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं। जवान दुर्गम पहाड़ियों में देश की रक्षा के लिए डटे हुए हैं। 

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति-पीएम समेत देश की बड़ी हस्तियों की जासूसी कर रहा चीन, कांग्रेस ने सरकार को घेरा 
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चीन करवा रहा जासूसी
दूसरी तरफ, चीन की नापाक हरकत को लेकर एक और खुलासा हुआ है। बताया गया है कि चीन की कुछ कंपनियों द्वारा भारत में जासूसी की जा रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री तक, मुख्यमंत्री से लेकर सेना के वरिष्ठ अफसरों तक की जासूसी की जा रही है। इसके अलावा, देश के प्रमुख उद्योगपतियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारी भी चीन के निशाने पर हैं। 


 

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