28 मार्च को म्यांमार में आए भूकंप ने देशभर में तबाही मचा दी। इस घटना में तीन हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई। वहीं इससे कही ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। इसी बीच म्यांमार में मची इस तबाही को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के प्रभावितों की मदद जारी रखने के लिए तैयार है, लेकिन दुनिया में कई अन्य अमीर देश हैं, जैसे चीन और भारत, जो मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी तरफ से मदद करेगा, लेकिन अन्य देशों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
मदद की बात पर रूबियो का स्पष्टिकरण
भारत ने सबसे पहले की थी मदद
गौरतलब है कि म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत ने सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हुए राहत समाग्री भेजी थी। भारत ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जरिए म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी, जिसमें टेंट, कंबल, दवाइयां और भोजन शामिल थे। इसके अलावा, भारत ने वायुसेना के दो सी-130जे विमान भेजे, जिनमें बचाव उपकरण और राहत सामग्री थी।
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मदद के लिए भारत ने चलाया था ऑपरेशन ब्रह्मा
इतना ही नहीं भारत का ऑपरेशन ब्रह्मा नामक मिशन म्यांमार के लिए राहत प्रदान करने का एक समग्र प्रयास है। इसके तहत भारतीय नौसेना के जहाजों ने भी म्यांमार के लिए मानवीय सहायता भेजी। 31 मार्च तक, भारत ने म्यांमार को 442 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री भेजी, जिसमें चावल, खाना पकाने का तेल और बिस्कुट जैसे जरूरी सामान थे।