व्हाइट हाउस ने भारत और चीन सीमा विवाद पर बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी बलों के बीच हुई झड़प से अवगत हैं और दोनों देशों के बीच मध्यस्थता को लेकर उनकी फिलहाल कोई औपचारिक योजना नहीं है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैली मेकनैनी ने सीमा पर हुई झड़प के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय एवं चीनी बलों के बीच हालात पर नजर रख रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमने भारतीय सेना का बयान देखा है कि झड़प में 20 भारतीय जवानों ने जान गंवाई है और हम इसे लेकर गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत और चीन के बीच मध्यस्थता की कोई औपचारिक योजना नहीं है। मेकनैनी ने कहा कि मैं केवल यह बताना चाहती हूं कि इस साल दो जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन सीमा पर स्थिति को लेकर बातचीत की थी।
बता दें कि भारतीय सेना ने शुरूआत में झड़प में दो सैनिकों और एक अधिकारी के शहीद होने की जानकारी दी थी। लेकिन मंगलवार शाम को आए बयान में कहा गया कि 17 अन्य सैनिकों समेत कुल 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए हैं। उधर बीजिंग में विदेश मंत्रालय की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रया नहीं दी गई।
जबकि यूएस न्यूज’ की एक रिपोर्ट के अनुसार दोनो देशों के बीच हुए झड़प में एक वरिष्ठ अधिकारी समेत चीन के कम से कम 35 जवान मारे गए हैं। वहीं बुधवार रात चीन के विदेश मंत्री वांग यी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच बातचीत के बाद दोनों पक्ष तनाव को जल्द से जल्द कम करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमत हुए थे।
गलवां घाटी और पैंगोंग त्सो, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी सहित पूर्वी लद्दाख के कुछ अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दोनों देशों के सैनिक पिछले पांच सप्ताह से आमने-सामने तैनात हैं। भारत और चीन का सीमा विवाद 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर है । चीन, तिब्बत के दक्षिणी हिस्से के रूप में अरूणाचल प्रदेश पर दावा करता है जबकि भारत इसे अपना अभिन्न अंग बताता है।