फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कनाडा का विषवमन जारी: 'बिश्नोई गिरोह के जरिये खालिस्तान समर्थकों पर भारत की नजर'; PM ट्रूडो का भी अनर्गल बयान

Tue, 15 Oct 2024 06:31 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

भारत और कनाडा के रिश्तों में आई तल्खी के बीच कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। पहले पुलिस कमिश्नर और अब खुद पीएम ट्रूडो ने भारत के खिलाफ जहर उगला है। जानिए ताजा घटनाक्रम में कनाडा ने क्या आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
भारत और कनाडा के बीच तनाव (प्रतीकात्मक) - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच कनाडा ने एक बार फिर आपत्तिजनक बयान दिया है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया कि भारत कनाडा में 'मौलिक त्रुटि' कर रहा है। जब वे यह बयान दे रहे थे उस समय कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा और अंतर-सरकारी मामलों के मंत्री डोमिनिक लेब्लांक और विदेश मामलों की मंत्री मेलानी जोली भी मौजूद थीं।
विज्ञापन


उनका यह बयान भारत से कनाडाई राजनयिकों के निकाले जाने के बाद आया है। ओटावा में ट्रूडो ने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच आगामी बैठक अहम साबित होगी। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात के दौरान भी इसके महत्व को रेखांकित किया था। 

ट्रूडो ने कहा, भारत ने यह सोचकर बुनियादी गलती की है कि वे कनाडा की धरती पर कनाडाई लोगों के खिलाफ हत्या या जबरन वसूली जैसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कनाडाई प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तनाव के बावजूद उनका देश भारत के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन


निज्जर हत्याकांड का जिक्र कर क्या बोले ट्रूडो
ट्रूडो ने भारत एक महत्वपूर्ण लोकतंत्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने रहें, यह अच्छी स्थिति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडाई लोगों के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरे व्यापारिक संबंध हैं। ऐसे में अगर भू-राजनीति के इर्द-गिर्द अस्थिरता आती है तो लोकतांत्रिक देशों को एक साथ रहना होगा। यही कारण था कि जब कनाडाई खुफिया एजेंसियों ने निज्जर की हत्या के तार भारत से जुड़े होने की आशंका जाहिर की तो हमने सीधे भारत सरकार से संपर्क किया और बातचीत के माध्यम से मुद्दे को सुलझाने की पहल की। उन्होंने दावा किया कि वे इस लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए इसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।

ट्रूडो ने आगे कहा कि कनाडा ने पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाकर भारतीय अधिकारियों से सहयोग मांगा है। यही कारण है कि हमने हर कदम पर भारत को अपनी जानकारी से अवगत कराया है। उन्होंने कहा, 'मैंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी से बात कर खुफिया समकक्षों के बीच भी संपर्क स्थापित किया है।'

'उनकी सरकार ने भारत के साथ सहयोग करने का प्रयास किया'
कनाडाई प्रधानमंत्री ने अनर्गल आरोप लगाए और कहा, 'दुर्भाग्य से, पिछले सितंबर में हाउस ऑफ कॉमन्स में मेरे बयान के बाद से लेकर अब तक, हर कदम पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया नकारने, भ्रमित करने, व्यक्तिगत रूप से मुझ पर और कनाडा सरकार और उसके अधिकारियों और उसकी पुलिस एजेंसियों की हमला करने की रही है।' उन्होंने कहा कि कनाडाई लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी सरकार ने भारत के साथ सहयोग करने का प्रयास किया है। बकौल पीएम ट्रूडो, कनाडा की एजेंसियां कठोर मजबूत और स्वतंत्र न्यायिक प्रणाली  के तहत काम कर रही हैं। वे उन्हें ऐसे काम करने से रोक नहीं सकते।

चरम पर तनाव, राजनयिकों से जुड़ी संचालन की पूरी प्रक्रिया बाधित
ट्रूडो ने भारत पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा, 'भारत सरकार ने उनके अनुरोध अस्वीकार कर समस्या से निपटने के प्रयासों को भी ठुकरा दिया। यही कारण है कि दोनों देश ऐसे बिंदु पर पहुंच गए हैं जहां कनाडा में भारतीय राजनयिकों से जुड़ी संचालन की पूरी प्रक्रिया को बाधित करना पड़ा है।' 

कनाडा का विषवमन जारी- पुलिस कमिश्नर का आरोप- खालिस्तान समर्थकों को निशाना बना रहा भारत
इससे पहले सोमवार को भारत सरकार ने जस्टिन ट्रू़डो पर ओछी राजनीति करने का खुला आरोप लगाया। इस घटना के बाद कनाडा पुलिस ने बेशर्मी से आरोप लगाया है कि भारत सरकार से जुड़े लोग लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के जरिये खालिस्तान समर्थकों को निशाना बना रहे हैं। अब तक कनाडा में हुई किसी भी हत्या में किसी भारतीय सरकारी अधिकारी के शामिल होने के बारे में सबूत देने में नाकाम रही ट्रूडो सरकार फिर बिना सबूतों के मीडिया के सामने आई।

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के कमिश्नर माइक दुहमे व असिस्टेंट कमिश्नर ब्रिगेट गौविन ने बेबुनियाद आरोप लगाया कि भारतीय राजनयिक और वाणिज्य दूतावास के अधिकारी पद का लाभ उठाकर गुप्त जानकारियां जुटाने में शामिल रहे हैं।

खास बात यह है कि भारत की जेल में बंद लॉरेंस का जोड़ीदार गोल्डी बराड़ कनाडा से ही अपराध की सारी गतिविधियां संचालित कर रहा है और वहां की पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही है। उसके खिलाफ भारत ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा रखा है।

भारत और कनाडा विवाद के आठ घंटे
  • दोपहर 1:56 बजे : भारत ने उच्चायुक्त को जांच के दायरे में लाने के लिए कनाडा की निंदा की।
  • शाम 6:52 बजे: शीर्ष राजनयिक तलब।
  • शाम 7:23 बजे: कनाडा के उच्चायुक्त से मीटिंग खत्म, भारत ने अपने दूत वापस बुलाए।
  • रात 8:30 : कनाडा ने भारतीय राजनयिकों को निकालने की घोषणा की
  • रात 9:46 : भारत ने कनाडा के राजनयिकों को निकालने की घोषणा की
ट्रूडो ने ब्रिटिश समकक्ष से भी बात की
इससे पहले भारत के साथ रिश्तों में आई तल्खी के बीच कनाडाई प्रधानमंत्री ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से भी बात की। सरकारी बयान के मुताबिक ट्रू़डो ने अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर से भारत सरकार से जुड़े एजेंटों द्वारा कनाडाई नागरिकों के खिलाफ लक्षित अभियान के बारे में बात की। कनाडाई प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कानून के शासन को बनाए रखने और उसका सम्मान करने के महत्व पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ट्रूडो ने इस गंभीर मामले को सुलझाने के लिए भारत के साथ सहयोग में कनाडा की तरफ से लगातार व्यक्त की जा रही रुचि को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ट्रूडो और स्टार्मर नियमित संपर्क में बने रहने पर भी सहमत हुए।
विज्ञापन


संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें