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US Tariff: अमेरिका ने भी माना- भारत झुकने वाला नहीं; ट्रंप के वित्त मंत्री तिलमिलाए, बोले- वे थोड़े अड़ियल हैं

Wed, 13 Aug 2025 10:16 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी सरकार ने भले ही भारत पर भारी-भरकम टैरिफ का एलान कर दिया है, लेकिन वे अभी भी भारत के साथ व्यापार समझौता करने के लिए छटपटा रहे हैं। हालांकि भारत अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। इससे अमेरिका में एक खीझ है, जो वहां के वित्त मंत्री के बयान से साफ दिखाई दी है।
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स्कॉट बेसेंट, अमेरिका के वित्त मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगा चुके हैं। हालांकि अभी भी अमेरिका को उम्मीद है कि वे भारत के साथ व्यापार समझौता कर सकते हैं। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अपने एक बयान में ऐसे संकेत दिए। साथ ही उन्होंने ये भी माना कि व्यापार वार्ता के लिए भारत का रवैया थोड़ा अड़ियल है। 
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ट्रंप भारत पर लगा चुके हैं 50 प्रतिशत टैरिफ
स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा कि भारत, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में अड़ियल रुख अपनाए हुए है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद का हवाला देते हुए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इससे पहले भी ट्रंप, भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुके थे। इस तरह अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया है। अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ आगामी 27 अगस्त से लागू होगा।

'भारत थोड़ा अड़ियल रुख अपनाए हुए है'
एक कार्यक्रम के दौरान स्कॉट बेसेंट ने कहा कि 'स्विट्जरलैंड और भारत सहित कुछ बड़े व्यापार सौदे अभी भी होने या उन पर सहमति बननी बाकी हैं।' उन्होंने अक्तूबर तक टैरिफ वार्ता पूरी होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि 'स्विट्जरलैंड के साथ बातचीत चल रही है। भारत थोड़ा अड़ियल रहा है। मुझे लगता है कि हम सभी बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते की शर्तों पर सहमत हो गए हैं।' अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा अक्तूबर तक टैरिफ वार्ता हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 'मुझे लगता है कि हम अच्छी स्थिति में हैं।'
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भारत के कृषि  और डेयरी सेक्टर में पहुंच चाहता है अमेरिका
दरअसल अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत के डेयरी और कृषि क्षेत्र को खोलने की मांग कर रहा है, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है। इसकी वजह है कि हमारे देश में करोड़ों छोटे किसान हैं और वे अमेरिका के कृषि सेक्टर का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। ऐसे में अगर कृषि सेक्टर को अमेरिका के लिए खोल दिया गया तो इन करोड़ों किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी। 
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 6 अगस्त को भारत से आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के आरोप में ये टैरिफ लगाया है। हालांकि भारत ने इसका विरोध करते हुए इस टैरिफ को अनुचित और अतार्किक बताया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। 

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