पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना आखिरी बार 5 अगस्त 2024 को सार्वजनिक रूप से दिखी थीं, जब वह ढाका से भारत आई थीं। उस वक्त से वह गुप्त जगह पर रह रही हैं। उन्होंने दो साल बाद वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये अपनी बात रखी, लेकिन चेहरा नहीं दिखाया। विशेषज्ञों के अनुसार, कैमरे के सामने आने से उनके बैकग्राउंड, लोकेशन या सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी उजागर होने का खतरा रहता है।
10 लाख से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज
शेख हसीना ने यह भी दावा किया कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है। उन्हें गायब या गिरफ्तार किया जा रहा है। झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। हसीना ने कहा कि अब तक 10 हजार लोग मारे गए या लापता हैं। वहीं, 10 लाख से अधिक लोगों को अज्ञात आरोपी बनाकर केस दर्ज किए गए हैं।
पांच अगस्त के दिन शेख हसीना ने ऑडियो लिंक के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उनके बेटे और पूर्व सलाहकार सजीब वाजेद जॉय भी ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में अमेरिका से जुड़े। बातचीत के दौरान जॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उनकी मां को 'पूरा सम्मान दिया है, और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।'
हसीना की बातचीत पर बांग्लादेश की कड़ी नाराजगी क्यों?
इसी बीच बांग्लादेश ने बुधवार को नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मीडिया बातचीत पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उसने कहा कि इस घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। यह भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकती है। हसीना 5 अगस्त 2024 को बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद भारत भाग गई थीं। भारत में यह उनकी पहली सार्वजनिक मीडिया बातचीत थी। यह केवल ऑडियो वाली वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का संकल्प लिया। उनका लक्ष्य देश को "सही रास्ते" पर लाना है। उपस्थित लोग पूर्व प्रधानमंत्री को देख नहीं पाए, केवल उनकी आवाज सुन सके। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बांग्लादेश "आक्रोशित" है। उसने "फरार दोषी" हसीना को नई दिल्ली में मीडिया से लाइव बातचीत की अनुमति देने पर आपत्ति जताई।
क्या शेख हसीना बांग्लादेश सरकार के संपर्क में हैं?
बांग्लादेश की तरफ से एतराज से पहले सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि उनकी मां की भारत में बहुत अच्छी देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि हसीना की प्रस्तावित बांग्लादेश वापसी को लेकर ढाका सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है।उन्होंने कहा, हम बांग्लादेश सरकार के संपर्क में नहीं हैं। वह यह फैसला खुद ले रही हैं, चाहे बांग्लादेश सरकार की इच्छा कुछ भी हो। दरअसल, हसीना ने एक गुप्त स्थान से ऑडियो लिंक के जरिए यह बात की। कार्यक्रम स्थल पर लगी स्क्रीन पर उनकी तस्वीर दिखाई नहीं गई।
अमेरिका पाकिस्तान की करीबी पर क्या कहा?
जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहां आईएसआई समेत विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवादी तत्व खुले तौर पर सक्रिय हैं। जब उनसे दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की हाल की ढाका यात्रा और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ उनकी मुलाकात के बारे में पूछा गया तो जॉय ने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा, इस समय अमेरिका का मुख्य ध्यान व्यापार बढ़ाने पर है। उसका फोकस लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर नहीं है, इसलिए यह अमेरिका के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है।
वॉशिंगटन और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी से जुड़े एक सवाल पर जॉय ने कहा कि नई सरकारों के आने के साथ नीतियां बदलती रहती हैं और कुछ साल पहले स्थिति अलग थी। उन्होंने कहा, ये चीजें बहुत तेजी से बदल सकती हैं। जॉय के अलावा बुधवार को शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी मौजूद रहे। इस दौरान शेख हसीना ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत हमेशा 'एक अच्छा दोस्त' रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश लौटने का उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है और इस बारे में उन्होंने भारत सरकार से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया है।
सवालों का जवाब देते हुए हसीना ने कहा, भारत हमेशा एक अच्छा और भरोसेमंद दोस्त रहा है और मुझे विश्वास है कि आगे भी रहेगा। मैं अपने देश और अपने लोगों के पास वापस जाना चाहती हूं। यह किसी सरकार का नहीं, बल्कि मेरा व्यक्तिगत फैसला है। सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर शेख हसीना ने कहा, कुछ भी हो सकता है। वे मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे जाना होगा। मुझे सिर्फ अपने लोगों का समर्थन चाहिए।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि वह दिसंबर में किसी समय अपने देश लौटना चाहती हैं, हालांकि उन्होंने कोई निश्चित तारीख या समय नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी फैसला है और इसमें भारत सरकार से कोई चर्चा शामिल नहीं है। हसीना फिलहाल भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं। वर्ष 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा। बाद में उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई गई।