India-Bangladesh Relation: प्रधानमंत्री मोदी व बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना
- फोटो : ANI (File Photo)
बांग्लादेश का कारोबारी समुदाय प्रधानमंत्री बेगम शेख हसीना की इस हफ्ते हुई भारत यात्रा के दौरान बनी सहमतियों से उत्साहित है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बेगम शेख हसीना की बातचीत के बाद जारी साझा बयान में बताया गया था कि भारत अब बांग्लादेश से नेपाल और भूटान को होने वाले निर्यात के लिए अपने यहां मौजूद मार्गों का इस्तेमाल करने देगा। ये ट्रांजिट सुविधा निशुल्क दी जाएगी। अब बांग्लादेश के व्यापारी भारत में निश्चित किए गए कस्टम केंद्रों, हवाई अड्डों, और बंदरगाहों का नेपाल और भूटान तक निर्यात के लिए से इस्तेमाल कर सकेंगे।
ढाका स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी एंड डायलॉग में विशिष्ट फेलॉ प्रोफेसर मुस्तफिजुर रहमान ने अखबार बांग्लादेश बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा कि अब इसके साथ ही बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल के बीच मोटर वाहन समझौता किया जाना चाहिए, जिससे नई मिली सुविधा का कारगर से ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत ने जो सुविधा अब दी है, उससे बांग्लादेश के निर्यातकों को काफी लाभ होगा। इससे कारोबार में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि 2015 में मोटर वाहनों के जरिए निर्यात के सिलसिले में भारत और बांग्लादेश के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर पर सहमति हुई थी, जिस पर अब तुरंत अमल करने की जरूरत है।
बांग्लादेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष जसीम उद्दीन ने कहा है कि अब भारतीय कारोबारी भी बांग्लादेश में व्यापारिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। दोनों देशों ने आपसी और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए कई उपाय किए हैं। उसी सिलसिले में पद्मा ब्रिज का निर्माण किया गया है और मंगला पोर्ट की क्षमता बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने अब जो पेशकश की है, उससे दोनों देशों को लाभ होगा। अगर बांग्लादेशी व्यापारियों को महसूस हुआ कि भारतीय बंदरगाहों के जरिए निर्यात करने में फायदा है, तो वे इसका इस्तेमाल जरूर करेंगे।
ढाका चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रिजवान रहमान ने कहा- ‘मुफ्त ट्रांजिट सुविधा हमारे लिए बहुत अच्छा अवसर है। इससे हमें भारत और अन्य देशों के साथ व्यापार बढ़ाने में मदद मिलेगी।’ लेकिन उन्होंने आगाह किया है कि भारत के साथ कारोबार में बांग्लादेश भारी व्यापार घाटे में है और इस समस्या का कोई फौरी हल नहीं निकल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ट्रांजिट सुविधा का बांग्लादेश के कारोबारी तभी पूरा लाभ उठा पाएंगे, अगर बांग्लादेश के बंदरगाहों, सड़कों और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार हो। रहमान ने कहा कि इसके लिए भारत को वित्तीय सहायता देनी चाहिए।
थिंक टैंक पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट में अनुसंधान निदेशक एमए रज्जाक ने बांग्लादेश बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि भारत की ट्रांजिट सुविधा की पेशकश निश्चित रूप से एक सकारात्मक घटना है। अब बांग्लादेश के व्यापारियों को उम्मीद है कि इस पर प्रभावी ढंग से अमल किया जाएगा। उन्होंने भारत से अऩुरोध किया कि वह ऐसे मामलों में अकसर बनी रहने वाली नीतिगत अनिश्चितता को खत्म करे, ताकि नई सुविधा का पूरा लाभ व्यापारी उठा सकें। उन्होंने कहा- ‘चूंकि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार भविष्य में और बढ़ने की संभावना है, इसलिए बांग्लादेश को उसके साथ निकट संबंध बनाए रखना चाहिए।’