विदेश मंत्री (EAM) एस. जयशंकर ने सोमवार को मनामा में बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-बहरीन के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने, आपसी सहयोग बढ़ाने तथा क्षेत्र में जारी हालिया घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की।
बहरीन में भारतीय समुदाय को लेकर जयशंकर ने क्या कहा?
बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने बहरीन में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा, कल्याण और उनके हितों का ध्यान रखने के लिए बहरीन के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,'आज मनामा में बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से मुलाकात कर खुशी हुई। बहरीन में भारतीय समुदाय के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए उनके नेतृत्व के प्रति गहरी सराहना व्यक्त की। हमने दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की तथा क्षेत्र में जारी घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'
कतर दौरे के बाद बहरीन पहुंचने का क्या रहा कार्यक्रम?
कतर में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर बहरीन पहुंचे। दोहा प्रवास के दौरान उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया।
जयशंकर के छह देशों के दौरे में बहरीन कितना अहम?
बहरीन, विदेश मंत्री जयशंकर के छह देशों के दौरे का दूसरा पड़ाव है। यहां के कार्यक्रमों के बाद वह कुवैत, ओमान, अमेरिका और ब्रुसेल्स की यात्रा करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य भारत के रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
पीएम मोदी और बहरीन के राजा के बीच क्या बातचीत हुई थी?
2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बहरीन पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और वहां के लोगों के प्रति भारत की एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने बहरीन में रह रहे भारतीय समुदाय को लगातार समर्थन देने के लिए राजा का धन्यवाद भी किया।
पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात का इस बैठक से क्या संबंध है?
दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हुई। यह संघर्ष फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था। इन हमलों का उद्देश्य तेहरान की मिसाइल क्षमता और उसके व्यापक सैन्य ढांचे को कमजोर करना बताया गया था।
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भारत और बहरीन के रिश्ते कितने मजबूत हैं?
बहरीन में भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत और बहरीन के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्कों पर आधारित मजबूत और घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंध हैं। बहरीन की लगभग 15 लाख की आबादी में 3.15 लाख से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। भारतीय समुदाय वहां की कुल आबादी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।