दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2026 में कई उच्च स्तरीय बैठकों, रणनीतिक सम्मेलनों और बहुपक्षीय वार्ताओं में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भाग लिया। इसमें वैश्विक नेताओं ने विमानन, अवसंरचना, स्थिरता, नवाचार और वैश्विक आर्थिक सहयोग में भारत के बढ़ते नेतृत्व की पुष्टि की। नायडू ने स्वायत्त गतिशीलता को प्रोत्साहन सत्र में ड्रोन नियम के नीतिगत ढांचों, दूरस्थ क्षेत्रों में मेडिकल सेवाओं समेत कई मामलों में भारत की तैयारियों पर भारत के सुनियोजित दृष्टिकोण की रूपरेखा रखी।
विमानन व ऊर्जा में अवसर तलाशें
राम मोहन नायडू ने प्रगति समूह, स्किल्डएआई और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ कई उपयोगी द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें विमानन, अवसंरचना और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों का पता लगाया गया। उन्होंने कहा, डब्ल्यूईएफ मंच वैश्विक हितधारकों के साथ जुड़ने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत के लिए साझेदारी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
भारत-ईयू सहयोग पर चर्चा
नायडू ने यूरोपीय संघ (ईयू) के परिवहन आयुक्त अपोस्टोलोस त्जित्जिकोस्टास के साथ परिवहन एक महत्वपूर्ण राजनयिक बैठक में पारिस्थितिकी तंत्र में स्थिरता, नवाचार और भारत-ईयू सहयोग पर चर्चा की।
जलवायु डाटा की भूमिका पर जोर
वैश्विक सहयोग को और मजबूत करते हुए राम मोहन नायडू ने विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की महासचिव सेलेस्टे साउलो से मुलाकात की और विमानन सुरक्षा, लचीलापन और टिकाऊ संचालन को बढ़ाने पर गहन बातचीत की।
एसएएफ पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया
एयरपोर्ट ऑफ टूमारो सत्र में, राम मोहन नायडू ने सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। इसमें उत्पादन बढ़ाने, लागत को संतुलित करने में तेजी लाने के लिए सरकारों और उद्योग के बीच समन्वय बढ़ाने पर अपनी बात रखी।
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