अंगोला दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वहां की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में बढ़ते संघर्षों और अनिश्चितता का सबसे अधिक असर ग्लोबल साउथ पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और अंगोला मिलकर शांति और विकास को आगे बढ़ा सकते हैं। मुर्मू ने डिजिटल तकनीक, रक्षा, कृषि व ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही।
अंगोला दौर पर सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वहां के संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय में शांति और विकास को आगे बढ़ाने की बात पर जोर दिया। मुर्मू ने कहा कि आज जब दुनिया में संघर्ष और अनिश्चितता बढ़ रही है, तब इसका सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और अंगोला मिलकर इस चुनौतीपूर्ण समय में शांति और विकास को आगे बढ़ा सकते हैं। इस दौरान मुर्मू ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और अंगोला के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग हमारे रिश्तों का एक मजबूत स्तंभ है।
अंगोला की संसद अध्यक्ष ने किया स्वागत
बता दें कि इससे पहले अंगोला की संसद की अध्यक्ष कैरोलीना सेरक्वेरा ने राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की राष्ट्रपति की यह यात्रा अंगोला की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ पर द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा अंगोला के लिए प्रेरणादायक है।
अंगोला की इन क्षेत्रों में हो रही प्रगति की सराहना की
साथ ही राष्ट्रपति ने अंगोला की अफ्रीकी संघ की अध्यक्षता और देश में कृषि, ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में हो रही प्रगति की सराहना की। उन्होंने खुशी जताई कि अंगोला की संसद में 39% महिला सदस्य हैं, जो लैंगिक समानता का उदाहरण है। उन्होंने बताया कि भारत में भी अब संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का कानून पारित हो चुका है। उन्होंने दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
ये भी पढ़ें:- Delhi Blast: लाल किले के पास धमाके के बाद RSS मुख्यालय, NSA डोभाल और हिंदू एकता यात्रा की सुरक्षा बढ़ाई गई
अंगोला का पहले राष्ट्रपति को अर्पित किए फूल