भारत और पाकिस्तान के बीच बेशक कश्मीर और आतंकवाद के सवाल पर तनातनी बनी रहती है, कूटनीतिक रिश्ते खराब हैं, लेकिन टिड्डियों के आतंक से दोनों ही मुल्क परेशान हैं। इस जमीनी समस्या से निपटने के लिए दोनों ही देशों के अधिकारी मिलकर उपाय तलाशने में लग गए हैं। ये जानकारी पाकिस्तानी विदेश विभाग की प्रवक्ता ने दी है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारुकी ने बताया कि खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की मार्च में हुई बैठक में ये तय किया गया था कि इसके तमाम सदस्यों के बीच आपसी बातचीत बढ़ाने और इस समस्या को हल करने की दिशा में कोई ठोस पहल करने का फैसला हुआ था। इस संगठन में पाकिस्तान के अलावा भारत, अफगानिस्तान और ईरान शामिल हैं। जाहिर है इन चारों देशों में रेगिस्तानी इलाके बड़े भूभाग में हैं और इन इलाकों में कई वर्षों से टिड्डियों का कहर रहा है।
इसे कम करने के लिए बाकायदा इन देशों ने मिलकर एक फोरम भी बनाया, लेकिन हर साल इन टिड्डियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। इस बार ये पहले से कहीं ज्यादा है। जाहिर है ऐसी स्थिति में इनसे निपटने और किसानों की फसलों को बचाने के लिए रणनीति तय करने में सभी देश लगे हैं। फारुकी ने कहा कि पाकिस्तान शुरू से ही इस मसले पर सभी सदस्य देशों के साथ सहयोगी रवैया अपनाने और बातचीत करने के पक्ष में रहा है। इसीके लिए टेक्निकल एंड ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन (टीओसी) टीम बनाई गई है।