सदियों पहले यहूदी नागरिकों को भारतीय धरती पर मिली शरण के साथ चालू हुए सांस्कृतिक जुड़ाव को भारत-इस्राइल और आगे ले जाने के इच्छुक हैं। इसी कारण बृहस्पतिवार को इस्राइल में भारत के राजदूत और वहां के विदेश मंत्री अश्केनाजी ने दोनों देशों के बीच मानवीय संपर्क बढ़ाने के लिए एक सांस्कृतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
स्थानीय विदेश मंत्रालय कार्यालय में किए गए इस समझौते के तहत तीन साल के एक सहयोग कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय रणनीतिक रिश्तों को नया आयाम देगी।
समझौते में कहा गया, दोनों पक्ष आपस में सहमत हैं कि यह समझौता दोनों के रिश्तों को और मजबूत करने में मदद देने वाला साबित होगा। खासतौर पर यह समझौता युवाओं में दोनों देशों के सांस्कृतिक इतिहास के बारे में जागरूकता बढ़ाएगा।
दोनों देशों में मित्रता को और मजबूत करने की पारस्परिक समझ को भी इस समझौते से बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर इस्राइली विदेश मंत्री अश्केनाजी ने कहा, यह सांस्कृतिक समझौता दोनों देशों के बीच हुए कई समझौतों में से एक है। इसके बाद भारत के राजदूत के साथ पानी को लेकर भी एक समझौता किया जाएगा।
मैं यह बताते हुए बेहद उत्साहित हूं कि हम भारत के प्रसिद्ध बॉलीवुड उद्योग के साथ परस्पर फिल्म निर्माण पर भी काम कर रहे हैं। राजदूत सिंगला ने भी इस दौरान कहा, जुलाई 2017 में तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक इस्राइल यात्रा के बाद से दोनों देशों के रणनीतिक रिश्ते गुणात्मक रूप से एक नई ऊंचाई पर हैं। यह समझौता लोगों के बीच संपर्क को नई गति देगा।