राष्ट्रपति हर्जोग ने गुरुवार की शाम इस्राइल संग्रहालय (मेमोरियल) में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और 'बॉडी ऑफ फेथ: स्कल्पचर फ्रॉम द नेशनल म्यूजियम ऑफ इंडिया' प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
भारत और इस्राइल स्वभाविक रूप से सहयोगी हैं, क्योंकि यह उन लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता से बंधे हैं, जिन पर उनकी स्थापना हुई थी। इस्राइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब वह एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसमें भारतीय देवताओं की मूर्तियां प्रदर्शित की गई थीं।
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राष्ट्रपति हर्जोग ने गुरुवार की शाम इस्राइल संग्रहालय (मेमोरियल) में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और 'बॉडी ऑफ फेथ: स्कल्पचर फ्रॉम द नेशनल म्यूजियम ऑफ इंडिया' प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी को दोनों देशों की बढ़ती दोस्ती का परिणाम बताया है।
उन्होंने कहा, भारत और इस्राइल स्वभाविक सहयोगी हैं, जो लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति मौलिक प्रतिबद्धता से एकजुट हैं, जिन पर हमारे दोनों देशों की स्थापना हुई थी।इस्राइली राष्ट्रपति ने आगे कहा, यह शाम भारतीय लोगों के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देते हुए हमारी साझा मानवता पर प्रकाश डालती है।
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इसाक हर्जोग ने कहा, यह प्रदर्शनी भारतीय और इस्राइल के बीच बढ़ती दोस्ती और कला व संस्कृति की गहरी प्रतिध्वनि का प्रतिबिंब है। इस्राइल संग्रहालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनी में चौथी और तेरहवीं शताब्दी के बीच बनाई गई 14 अति सुंदर भारतीय मूर्तियां हैं, जिनमें से कुछ नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय से उधार ली गई हैं और कुछ इस्राइलय के संग्रह से ली गई हैं।