विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि प्रथम मंत्री स्तरीय 2+2 वार्ता के लिए सितंबर 2018 में अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो के भारत की यात्रा करने के बाद से भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की गुणवत्ता तथा इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति पर दोनों देशों ने संतोष प्रकट किया।
बयान में कहा गया कि वे इस बात पर सहमत हुए कि पाकिस्तान को आतंकवाद को नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही दोनों देशों ने कहा कि पाकिस्तान को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे पाक की सरजमीं आतंकियों की पनाहगाह न बन सके। वे इस बात पर भी सहमत हुए कि जो लोग या देश किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन करते हैं या बढ़ावा देते हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।
विदेश सचिव ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत को अमेरिका से मिले समर्थन को लेकर अमेरिकी सरकार और पोम्पियो की सराहना की। पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के मद्देनजर इस वार्ता को अहम माना जा रहा है। इस यात्रा में गोखले की अमेरिकी प्रशासन और अमेरिकी कांग्रेस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की संभावना है।