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आतंकवाद पर भारत-अमेरिका का रुख स्पष्ट, कहा- ठोस कदम उठाए पाक

Mon, 11 Mar 2019 10:05 PM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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विदेश सचिव विजय गोखले (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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आतंकवाद की समस्या को हल करने के लिए भारत और अमेरिका एक ही रास्ते पर हैं। सोमवार को विदेश सचिव विजय गोखले और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बीच इस मसले पर बातचीत हुई। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। 

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इसके अलावा गोखले और पोम्पियो ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। गोखले पोम्पियो, अमेरिकी विदेश मंत्रालय में राजनीतिक मामलों के उपमंत्री डेविड हेले और मंत्रालय में शस्त्र नियंत्रण एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की उपमंत्री एंड्रिया थॉम्पसन के साथ द्विपक्षीय विदेश कार्यालय परामर्श और रणनीतिक सुरक्षा वार्ता के लिए रविवार को अमेरिका पहुंचे थे।

पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए भारत के कोशिशें तेज करने के बीच गोखले इस यात्रा पर हैं। 
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हालांकि, प्रोटोकॉल के मुताबिक पोम्पियो का गोखले से मिलना असामान्य है लेकिन पिछले कुछ सालों में अमेरिकी विदेश मंत्री ने गोखले के पूर्वाधिकारी एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। पोम्पियो ने सीमा पार (पाकिस्तान) से होने वाले आतंकवाद के बारे में भारत की चिंताओं को समझने की बात कही। 

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अपनी जमीन को आतंक की पनाहगाह न बनने दे पाक

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि प्रथम मंत्री स्तरीय 2+2 वार्ता के लिए सितंबर 2018 में अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो के भारत की यात्रा करने के बाद से भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की गुणवत्ता तथा इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति पर दोनों देशों ने संतोष प्रकट किया।

बयान में कहा गया कि वे इस बात पर सहमत हुए कि पाकिस्तान को आतंकवाद को नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही दोनों देशों ने कहा कि पाकिस्तान को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे पाक की सरजमीं आतंकियों की पनाहगाह न बन सके। वे इस बात पर भी सहमत हुए कि जो लोग या देश किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन करते हैं या बढ़ावा देते हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।

विदेश सचिव ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत को अमेरिका से मिले समर्थन को लेकर अमेरिकी सरकार और पोम्पियो की सराहना की। पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के मद्देनजर इस वार्ता को अहम माना जा रहा है। इस यात्रा में गोखले की अमेरिकी प्रशासन और अमेरिकी कांग्रेस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की संभावना है।
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