यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने पर दिया बयान।
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अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर पूरी दुनिया में चर्चाएं तेज हैं। खासकर ट्रंप प्रशासन की विदेश नीतियों को लेकर अधिकतर देशों में संशय की स्थिति है। इस बीच यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि भारत अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन के साथ करीबी से जुड़ने को तैयार है।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "हम अमेरिकी नागरिकों के चुनाव का सम्मान करते हैं। हम हर तरह की सरकार से बात करते हैं। मुझे लगता है कि भारत के साथ रिश्तों को अमेरिका में दोनों राजनीतिक दलों का समर्थन हासिल है।"
हरीश ने यह बातें अमेरिकी चुनाव में ट्रंप की जीत और कमला हैरिस की हार को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहीं। उन्होंने कहा कि जब डोनाल्ड ट्रंप पहले कार्यकाल में थे, तब भारत और अमेरिका के रिश्ते और सहयोग काफी करीबी थे। ट्रंप के पद संभालने के बाद हम उनके साथ करीबी से काम करने के लिए तैयार हैं।
हरीश ने कोलंबिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स (एसआईपीए) में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का जवाब: भारत का तरीका’ विषय पर मुख्य भाषण दिया। यह कार्यक्रम वैश्विक नेतृत्व में एमपीए कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय संगठन और संयुक्त राष्ट्र अध्ययन कार्यक्रम (आईओ/यूएनएस) की तरफ से सह-प्रायोजित था। इसमें छात्रों, शिक्षकों और नीति विशेषज्ञों ने भाग लिया।
पीएम मोदी ने ट्रंप को दी थी बधाई
इससे पहले पीएम मोदी ने ट्रंप को जीत पर बधाई दी थी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा था, "मेरे मित्र ट्रंप को ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। जैसा कि आप अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, मैं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हमारे सहयोग को नवीनीकृत करने की आशा करता हूं। आइए हम सब मिलकर अपने लोगों की बेहतरी के लिए काम करें और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा दें।’’