पुलवामा हमले के बाद जारी तनाव के बीच आई एक रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीने में भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय कारोबार में करीब पांच फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। भारत ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से सबसे तरजीही देश (एमएफएन) का दर्जा छीन लिया। इसके अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान से आने वाली सभी वस्तुओं पर 200 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया।
पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक जुलाई, 2018 से जनवरी, 2019 के बीच दोनों देशों का द्विपक्षीय कारोबार 1.122 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के दौरान 1.069 अरब डॉलर था। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान को 89 करोड़ डॉलर की वस्तुओं का निर्यात किया, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 87 करोड़ डॉलर था।
वित्त वर्ष 2017-18 में भारत ने पाकिस्तान को 2016-17 के मुकाबले 12.2 फीसदी ज्यादा निर्यात किया। पाकिस्तान ने 2017-18 में भारत से 1.84 अरब डॉलर की वस्तुओं का आयात किया, जो 2016-17 के दौरान 1.64 अरब डॉलर था। एमएफएन दर्जा छीने जाने पर पाकिस्तान के वाणिज्य सचिव यूनुस दघा ने कहा कि उनका विभाग विभिन्न विकल्पों पर काम कर रहा है। हालांकि, अभी तक किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है।