वर्जीनिया में परियों को पत्र लिखते बच्चे
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अमेरिका के वर्जीनिया में एक परियों का गांव हैं। यहां के बच्चे परियों को पत्र लिखकर अपना संदेश भेजते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यहां बच्चों को उनके पत्र का जवाब भी मिलता है। लॉकडाउन शुरू हुआ तो नौ साल की माया गैबलर की दुनिया परिवार और दोस्तों तक सीमित रह गई।
तब गैबलर ने पेड़ पर रहने वाली परियों को पत्र लिखना शुरू किया। इन परियों का पता बच्चों के लिए प्रकाशित होने वाली परी कथाओं की बुक से मिला था। माया की मां का कहना है कि बच्चों का डर और चिंता बाहर निकालने के लिए यह एक अच्छा तरीका है, इसके जरिए बच्चों में अपनी भावना साझा करने की आदत बनती है।
कुछ ही महीनों में बच्चे अब तक 700 से ज्यादा पत्र लिख चुके हैं और कई बच्चों ने परियों से दिलचस्प सवाल किए हैं। एक बच्चे ने परी से पत्र के माध्यम से पूछा कि क्या वह कोरोना को गायब कर सकती हैं? दूसरे बच्चे ने पूछा कि उन्होंने अपनी मां और टीचर को रोते हुए देखा, क्या आप उनकी मदद करोगीय़
बता दें कि परियों का यह गांव बच्चों की स्टोरी बुक लिखने वाली 55 वर्षीय लेखिका लीजा सुहाय के घर के पास बताया जाता है। यह गांव वर्जीनिया के पास नॉरकॉक के किनारे स्थित है। लीजा के घर के पास गार्डन में पेड़ के नीचे टेबल-कुर्सी लगी है, टेबल पर कई पेन और पेपर हैं।
लीजा के घर के पास दो मेल बॉक्स भी हैं, एक बॉक्स में बच्चों की ओर से परियों को लिखी चिट्ठी होती हैं तो दूसरे बॉक्स में परियों की ओर से बच्चों को भेजी जाने वाली चिट्ठियां होती हैं। बच्चों को लगता है कि गॉडमदर परी, परियों की रानी लिसेंट्रा और टिंकर बेल ही उनको पत्रों का जवाब देती हैं।