युगांडा अफ्रीका का ऐसा देश जो अपनी गरीबी के लिए विश्वभर में लोकप्रिय है। जहां एक ओर पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही वहीं युगांडा में कोरोना का रिकवरी रेट 90 फीसदी है। पूरी दुनिया में दिसंबर से शुरू हुए कोरोना से युगांडा में पहली मौत 23 जुलाई को हुई।
युगांडा में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 1,079 से ज्यादा है लेकिन इसमें भी 975 से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। युगांडा की सीमा पूर्व में केन्या, उत्तर में सूडान, पश्चिम में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, दक्षिण पश्चिम में रवांडा और दक्षिण में तंजानिया में मिलती है।
युंगाडा की गरीबी की बात करें तो देश की एक तिहाई जनसंख्या अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा यानि कि दो डॉलर प्रतिदिन से नीचे अपनी जीवन चलाती है। इतनी गरीबी होने के बाद युगांडावासी अपनी गर्मजोशी और मेहमान नवाजी के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। युगांडावासी प्रकृति से उतना ही प्रेम करते हैं जितना इंसानों से करते हैं। युगांडावासियों की खास चार बातें हैं जो उन्हें दुनिया के बाकी लोगों से अलग करती हैं...
1. पेड़ों से प्यार
ये प्रकृति से बेहद प्यार करते हैं, इसलिए ये अवैध रूप से पेड़ों की कटाई भी नहीं करते। यही वजह है कि यहां के जंगल हरे-भरे और विभिन्न प्रजाति के वन्यप्राणियों से समृद्ध हैं। शहरों में भी अगर बहुत जरूरी हुआ तो तीन पौधे लगाने के बाद ही कोई एक पेड़ काटता है।
2. अजीब खानपान
युगांडावासी अपने घर आए मेहमान के सामने तवे पर सिके झिंगुर रख दें तो मान लीजिए कि वो इंसान उनके लिए बेहद खास है
3. गरीबी में भी खुश
युगांडा दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है। इतना कि यहां के 50 फीसदी से ज्यादा लोग प्रतिदिन 1 डॉलर यानि कि 67 रुपये से भी कम में गुजारा करने पर मजबूर हैं लेकिन इन विपरीत परस्थितियों में भी युगांडावासी खुश रहना अच्छे से जानते हैं।
4. बेहद रूढ़िवादी
ये लोग पहनावे के मामले में काफी रूढ़िवादी हैं। 85 प्रतिशत क्रिश्चियन आबादी वाले इस देश में महिलाओं को तंग कपड़े पहनने की इजाजत नहीं है।