अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ बुधवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुंचे। राष्ट्रपति आइसलैंड की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के समापन के बाद स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं। राष्ट्रपति स्विट्जरलैंड के बाद 15 सितंबर को स्लोवेनिया जाएंगे। वह 17 सितंबर को भारत लौटेंगे।
इससे पहले भारत की तरफ से आतंक के मुद्दे पर अपनाए जा रहे सख्त रुख को आइसलैंड ने समर्थन दिया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से उठाए गए कड़े कदमों का समर्थन करने वाले आइसलैंड ने फिर से आतंक के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में साथ देने का वादा किया। मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और आइसलैंड के राष्ट्रपति गुओनी जॉनेसन ने द्विपक्षीय वार्ता में आतंकवाद को मानवता के लिए खतरा बताते हुए इससे मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई।
दोनों राष्ट्रपतियों के बीच वार्ता में यह भी तय हुआ कि भारत को सतत मत्स्यपालन करने के लिए आइसलैंड अपनी तकनीकों के जरिए मदद देगा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग और एक-दूसरे के नागरिकों को वीजा आदि में छूट देने को लेकर भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि दोनों पक्ष अपनी वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के इच्छुक हैं और इसे नई गति देने के तरीकों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा, भारत सतत मत्स्यपालन, सामुद्री अर्थव्यवस्था, शिपिंग, हरित प्रगति, ऊर्जा, निर्माण और कृषि के क्षेत्र में आइसलैंड की क्षमताओं का लाभ लेना चाहता है। राष्ट्रपति ने कहा, बदले में भारतीय दवा, आईटी, बायोटेकनोलॉजी, ऑटोमोबाइल और नवाचार कंपनियां आइसलैंड के उद्योगपतियों के साथ गठबंधन करेंगी।
बता दें कि, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार (8 सितंबर ) की रात आइसलैंड, स्विट्जरलैंड और स्लोवेनिया की यात्रा पर रवाना हुए थे। अपनी इस नौ दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति कोविंद तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेंगे।
बता दें कि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आइसलैंड की यात्रा के लिए उनके हवाई क्षेत्र से विमान को गुजरने देने संबंधी भारत के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।