टायलर कहते हैं कि मात्र कुछ महीने पहले कॉलेज की क्लास में 2020 में ग्रेजुएट होकर सफल जीवन उम्मीद और आश्वासन दिए जाते थे। उस समय अर्थव्यवस्था फलफूल रही थी। शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हो रहा था। फरवरी में बेरोजगारी दर भी 50 साल के सबसे निचले स्तर 3.5 फीसदी पर थी। ढेरों रोजगार थे, दूर-दूर तक मंदी के आसार नहीं थे। भावुक होते हुए टायलर ने कहा कि फिर महामारी आई और अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया।
बता दें कि पिछले महीने में अमेरिका में 2 करोड़ से अधिक नौकरियां चली गईं और बेरोजगारी दर 14.7 प्रतिशत तक बढ़ गई। उन्होंने कहा कि यह महामंदी के बाद का सबसे खराब दौर है। टायलर के अनुसार हर क्षेत्र में प्रतियोगिता बढ़ गई है। बहुत सारे हाईस्कूल के छात्र भी आगे की पढ़ाई पूरी न करके जॉब पर फोकस कर रहे हैं। इस वजह से भी नौकरी की कमी हो रही है।
टायलर बताते हैं कि उनके परिवार में उनकी पत्नी और सात महीने की बच्ची है। पत्नी यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट अटेंडेंट हैं, लेकिन अब उन्हें भी अपनी नौकरी खोने का डर है। उन्होंने आगे बताया कि वे 35 से अधिक कंपनियों में जॉब के लिए अप्लाई कर चुके हैं लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है। अब वे मिलिट्री में भर्ती होने के लिए भी आवेदन डाल दिया है।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन के वरिष्ठ अर्थशास्त्री और बर्कले यूनिवर्सिटी में सार्वजनिक नीति और अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले जेसी रोथस्टीन कहते हैं कि पहली नौकरी की तलाश के लिए यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण समय है। उन्होंने कहा कि जब आप नौकरी के लिए बाहर निकलते हैं और आपको अच्छी नौकरी नहीं मिलती है, यह आपके लिए सिर्फ अभी के लिए नहीं बल्कि आगे आने वाले वर्षों के लिए भी एक नुकसान की तरह है।
उन्होंने कहा कि 2020 में ग्रेजुएट हुई युवा पीढ़ी लंबे समय तक इस मुश्किल स्थिति का सामना करेगी या नहीं, यह मंदी की गंभीरता और आर्थिक सुधार की गति पर निर्भर करता है। यह जितना लंबा चलेगा नुकसान उतना ही अधिक होगा।
अब इतने संघर्ष के बाद टायलर ने बर्कले छोड़ने का मन बना लिया है और वह अपने माता-पिता के घर लौटना चाहता है। जहां जिंदगी जीना थोड़ा आसान होगा भले ही वहां उसे अपने सपनों को छोड़ देने जैसा महसूस होगा।