रूस में पिछले साल जीवन प्रत्याशा (जन्म के समय किसी बालक के जीवित रहने की संभावित औसत उम्र) दो साल गिर गई। किसी एक वर्ष में औसत उम्र में इतनी गिरावट असामान्य है। इस बारे में अनौपचारिक रूप से जारी ताजा आंकड़ों से रूस सरकार की औसत उम्र बढ़ाने की योजना को गहरा झटका लगा है। औसत उम्र में गिरावट की एक प्रमुख वजह पिछले साल कोरोना वायरस महामारी के कारण हुई सामान्य से काफी ज्यादा मौतें हैं।
रूस में जनसंख्या संबंधी आंकड़े कुछ रोज पहले टेलीग्राम एप पर चर्चित हुए। बाद में आरबीके न्यूज नेटवर्क से बातचीत में दो अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। हालांकि नेटवर्क ने अधिकारियों के नाम नहीं बताए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक रूस में अब औसत उम्र 71.1 वर्ष है। 2019 में यह 73.3 साल थी।
वेबसाइट रशियाटुडे.कॉम के मुताबिक 2003 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी वर्ष रूसी लोगों की औसत उम्र में गिरावट आई हो। गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संसद से एक विधेयक पारित कराया था, जिसमें 2030 तक औसत उम्र 78 साल तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिकारियों ने ये पैमाना तय किया था कि 2024 तक औसत उम्र को 75.2 वर्ष तक ले जाया जाए। लेकिन कोरोना महामारी का असर यह हुआ कि सिर्फ एक साल में औसत उम्र में दो वर्षों की गिरावट आ गई।
इस महामारी का ऐसा ही असर दूसरे कई देशों में भी देखने को मिला है। पिछले महीने अमेरिका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने बताया था कि अमेरिका में दूसरे विश्व युद्ध के बाद औसत उम्र में सबसे बड़ी गिरावट पिछले साल दर्ज की गई। अमेरिका में 2019 में औसत उम्र 78.8 साल थी, जो पिछले साल गिर कर 77.8 साल पर आ गई। अमेरिका में सार्वजनिक स्वास्थ्य के विशेषज्ञों ने इस ओर भी ध्यान खींचा है कि वहां नस्लीय अल्पसंख्यकों और दूसरे समुदायों के बीच औसत उम्र का अंतर तेजी से बढ़ा है। यानी नस्लीय अल्पसंख्यकों के मामले में औसत उम्र में गिरावट औसत गिरावट से ज्यादा दर्ज हुई है।
इटली में पिछले हफ्ते ही औसत उम्र संबंधी ताजा आंकड़े जारी हुए थे। उसमें बताया गया कि पिछले साल वहां औसत उम्र में एक साल की गिरावट आई। अब ये उम्र 83.3 साल से घट कर 82.3 साल रह गई है। इटली सरकार ने एक बयान में कहा- जीवन प्रत्याशा के मामले में जो प्रगति हुई थी, कोरोना महामारी ने उसे फिलहाल धो डाला है।
रूस में इस महीने के आरंभ में आधिकारिक रूप से बताया गया था कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दो लाख से अधिक मौतें हुई हैं। लेकिन कई विशेषज्ञों ने इस आंकड़े पर शक जताया है। उन्होंने ध्यान दिलाया है कि 2019 की तुलना में 2020 में रूस में 3,23,800 ज्यादा मौतें हुईं। उनके मुताबिक कोरोना महामारी के अलावा इतनी ज्यादा मौतों की कोई और वजह नहीं है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जो लोग दूसरी बीमरियों से पीड़ित थे, उनकी मौत कोरोना वायरस संक्रमण से होने के बावजूद उनकी गिनती महामारी से हुई मौतों में नहीं की गई। इसीलिए सरकारी आंकड़े असली संख्या से कम हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कुल मिलाकर रूस की आबादी 2020 में पांच लाख घट गई। इसकी कई वजहें बताई गई हैं। इनमें हुई ज्यादा मौतें, जन्म दर में गिरावट और आव्रजकों का अपने देश लौट जाना शामिल है। रूस सरकार आबादी में लगातार आ रही गिरावट पर चिंता जताती रही है। उसने ध्यान दिलाया है कि आबादी घटने का असर विकास योजनाओं पर पड़ता है। इसलिए अब रूस सरकार ने आव्रजकों को देश में लाने और उन्हें बनाए रखने की योजना घोषित की है।