पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर ने 25 मार्च से निचले सदन का सत्र बुलाया है। विपक्ष इसमें इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है। विश्वास के संकट के क्षणों में अब तीन सहयोगी दल भी किनारे हो गए हैं, इससे इमरान खान की सरकार का बचना और मुश्किल हो गया है।
अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बुधवार को तगड़ा झटका लगा। तीन सहयोगी दलों ने उनका और उनकी पार्टी का साथ छोड़ दिया है। ये विपक्षी दलों से हाथ मिलाकर इमरान की सत्ता से बिदाई तय कर सकते हैं।
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पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर ने 25 मार्च से निचले सदन का सत्र बुलाया है। विपक्ष इसमें इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है। विश्वास के संकट के क्षणों में अब तीन सहयोगी दल भी किनारे हो गए हैं, इससे इमरान खान की सरकार का बचना और मुश्किल हो गया है।
एएनआई व अन्य एजेंसियों की मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान के तीन बड़े सहयोगी दलों ने विपक्ष से हाथ मिलाने का फैसला किया है। ये दल हैं- मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) और बलूचिस्तान अवामी पार्टी। तीनों जल्द ही विपक्ष के साथ जाने की घोषणा कर सकते हैं।
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आंतरिक विद्रोह भी झेल रही सत्तारूढ़ पीटीआई
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पीटीआई आंतरिक विद्रोह का भी सामना कर रही है। नेशनल असेंबली के सदस्य (MNA) पीटीआई छोड़कर विपक्षी दलों से हाथ मिला रहे हैं। इससे पहले 24 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट देने की घोषणा की थी और पीटीआई से खुद को अलग कर लिया था।
विपक्ष को उम्मीद इमरान को पटखनी दे देंगे
पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने आठ मार्च को पाक नेशनल असेंबली के सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। विपक्ष को उम्मीद है कि वह इमरान खान को सत्ता से बाहर कर देगा। हालांकि, इमरान खान भी विपक्ष को चेतावनी दे चुके हैं। 342 सदस्यों वाली नेशनल असेंबली में इमरान को अपनी सरकार बचाने के लिए कम से कम 172 सांसदों का समर्थन चाहिए। जबकि विपक्ष का दावा है कि उसके पास अविश्वास प्रस्ताव पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या है।