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Pakistan By-Elections: उप चुनाव के नतीजों से इमरान खान को मिली सियासी संकट बढ़ाने की नई ताकत

Mon, 17 Oct 2022 05:09 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan By-Elections: चुनाव नतीजों के एलान के तुरंत बाद इमरान खान ने कह दिया कि उनकी पार्टी नेशनल असेंबली में नहीं लौटेगी। बल्कि वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे और सरकार को फिर से उप चुनाव कराने के लिए मजबूर करेंगे। अपने राजनीतिक अभियान के तहत इमरान खान ने सात संसदीय सीटों पर खुद को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया था...
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Pakistan- Imran Khan - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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रविवार को हुए उप चुनावों में भारी कामयाबी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश में सियासी संकट और बढ़ाने की रणनीति अपना ली है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) आठ में छह संसदीय सीटों पर जीत हासिल की। इन सभी सीटों पर इमरान खान ही उम्मीदवार थे। संसदीय सीटों के अलावा पीटीआई ने पंजाब में प्रांत में दो सीटों के उपचुनाव में भी कामयाबी हासिल की। इन नतीजों से देश में इमरान खान की ऊंची लोकप्रियता की फिर पुष्टि हुई है।

चुनाव नतीजों के एलान के तुरंत बाद इमरान खान ने कह दिया कि उनकी पार्टी नेशनल असेंबली में नहीं लौटेगी। बल्कि वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे और सरकार को फिर से उप चुनाव कराने के लिए मजबूर करेंगे। अपने राजनीतिक अभियान के तहत इमरान खान ने सात संसदीय सीटों पर खुद को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया था। एक सीट पर वे हार गए। लेकिन एक साथ छह सीटों से जीतने का रिकॉर्ड उन्होंने कायम किया है।   

पार्टी महासचिव असद उमर ने पत्रकारों से कहा- ‘ये उप चुनाव एक जनमत संग्रह थे। विजयी होने के बाद इमरान खान नेशनल असेंबली में वापस नहीं जाएंगे। वे बतौर सांसद शपथ नहीं लेंगे।’ उमर ने कहा कि इन चुनाव नतीजों को देखने के बाद देश के सत्ताधारियों को अब इनसे सीख लेनी चाहिए। इसके बाद अब इस बारे में कोई भ्रम नहीं बचा है कि देश की जनता किसके साथ है। उन्होंने कहा- ‘हमारी एक ही मांग है- लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर दिया जाए।’

संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण पीटीआई की सरकार पिछले अप्रैल में गिर गई थी। तब से पीटीआई नए आम चुनाव की मांग कर रही है। लेकिन सत्ताधारी गठबंधन- पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने कहा है कि शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली उसकी सरकार अपने पूरे कार्यकाल तक बनी रहेगी। ये कार्यकाल लगभग एक साल और बाकी है। रविवार को हुए उप चुनावों में दो संसदीय सीटों पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की जीत हुई। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इससे पीपीपी का हौसला बढ़ा है। लेकिन प्रधानमंत्री शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज को कहीं से राहत नहीं मिली है।

रविवार को मतदान शुरू होने के समय इमरान खान ने एक बयान जारी कर लोगों से बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा- ‘यह दलालों के गुट से देश को आजादी दिलाने की चल रही मुहिम पर जनमत संग्रह है। हम पीडीएम, निर्वाचन आयोग और नामालूम ताकतों के खिलाफ एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं।’ विश्लेषकों के मुताबिक नामालूम ताकतों से इमरान खान का मतलब एस्टैबिशमेंट (सेना और खुफिया नेतृत्व) से था, जिन पर प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से उन्होंने निशाना साध रखा है।

सत्ताधारी गठबंधन को उप चुनावों में अपनी हार का अंदाजा पहले से था। उसने बाढ़ और सुरक्षा चुनौतियों के हवाला देते हुए चुनाव टलवाने की कोशिश की थी, जिसे निर्वाचन आयोग ने स्वीकार नहीं किया। चुनाव नतीजों के आधार पर जानकारों ने कहा है कि सत्ताधारी गठबंधन के लिए राज करना अब और मुश्किल हो जाएगा। उधर इमरान खान के इस दावे को बल मिला है कि देश की जनता उनके साथ है।

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