पाक के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के इस्लामाबाद तक आयोजित आजादी मार्च को नाकाम करने के लिए सरकार ने पीटीआई समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया और सड़कें बाधित कर दीं। लेकिन इमरान ने कहा कि कोई नाकाबंदी उन्हें नहीं रोक सकती। इस बीच, इमरान हेलीकॉप्टर से खैबर पख्तूनख्वा के वली इंटरचेंज तक पहुंच गए और डी-चौक पर पुलिस-प्रदर्शनकारी भिड़ गए।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कई नेताओं को बुधवार को नेताओं और पुलिस के बीच झड़प के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने इस्लामाबाद की ओर विरोध मार्च को हरी झंडी दिखाई थी जिसके बाद झड़प हुई। पुलिस ने पीटीआई के अली असजद मल्ही, जमशेद चीमा, डॉ. यास्मीन राशिद, अंदलीब अब्बास को गिरफ्तार कर लिया, जब प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद जाने वाले मार्गों को अवरुद्ध करने वाले शिपिंग कंटेनरों को हटाने की कोशिश की। डॉन न्यूजपेपर की खबर के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उन पर आंसू गैस के गोले दागे। पीटीआई ने दावा किया कि लाहौर के बाटी चौक पर काफिले के बीच उसके नेता डॉ यास्मीन राशिद के वाहन पर हमला किया गया था, लेकिन यह उन्हें इस्लामाबाद की ओर बढ़ने से नहीं रोक सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने आजादी मार्च को रास्ता देने को कहा
उधर, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने तनावपूर्ण हालात देखते हुए इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त को पीटीआई के आजादी मार्च के लिए वैकल्पिक रास्ता देने के लिए भी कहा। जबकि आजादी मार्च शुरू होते ही पंजाब में तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब पुलिस ने इमरान समर्थकों को रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस ने लाहौर में मार्च कर रहे असजद मल्ही और जमशेद चीमा समेत कई पीटीआई समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने समर्थकों को इस्लामाबाद की ओर सच्ची आजादी के लिए रैली शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
लाहौर में कार्यकर्ताओं ने मचाया उत्पात
अपने प्रदर्शन को लेकर डी-चौक के आसपास नजरें गढ़ाए इमरान खान स्वाबी पहुंच गए। उनके स्वाबी पहुंचने की सूचना से पीटीआई कार्यकर्ताओं में जोश उमड़ आया और उन्होंने पुलिस के साथ हाथापाई शुरू कर दी। लाहौर के बाटी चौक पर डॉ. यास्मीन राशिद की गाड़ी पर हमला कर कार की विंडशील्ड तोड़ दी गई। लाहौर में कार्यकर्ताओं का रास्ता पुलिस ने रोक दिया है। लेकिन अली अमीन गंडापुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का काफिला पंजाब में घुस गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया और शिपिंग कंटेनरों को हटाने की कोशिश की।
इमरान बोले- हमें कोई नहीं रोक सकता
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाबी पहुंचने के बाद इमरान खान ने कहा कि हम डी-चौक जा रहे हैं और हमें कोई नहीं रोक सकता। इमरान मौजूदा सरकार को चोरों का समूह करार देते हुए कहा कि देश में सबसे भ्रष्ट लोग जनता से डरते हैं, इसलिए उन्होंने कंटेनर रखे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें परेशान किया क्योंकि उन्होंने आजादी मार्च में भाग लिया था। इमरान ने सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार से कहा कि पीटीआई सरकार ने उनमें से किसी को भी विरोध प्रदर्शन करने से नहीं रोका क्योंकि उसे लोगों का डर नहीं है। इस बीच, सरकार और पीटीआई के बीच समझौते की बातचीत की अफवाहों के बीच इमरान खान ने पुष्टि की कि प्रदर्शनकारी निर्धारित गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं और मार्च को लेकर सरकार और पीटीआई प्रमुख के बीच कोई समझौता नहीं हुआ है।
रावलपिंडी, इस्लामाबाद में शैक्षिक संस्थान बंद
सरकार ने कई जगहों पर धारा 144 लागू कर दी है, ताकि लोगों को बड़ी संख्या में एकत्र होने से रोका जा सके। पंजाब के गृह सचिव सैयद अली मुर्तजा ने बताया कि सबसे बड़े प्रांत में शांति की खातिर अर्धसैनिक रेंजर बुलाए गए हैं। 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी इस्लामाबाद बुलाए हैं। लाहौर, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सड़कों पर बाधा खड़ी कर कई मुख्य मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है। इस्लामाबाद, रावलपिंडी में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
सैन्य दखल के बाद पाकिस्तान सरकार ने दी शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत
पाकिस्तान सरकार ने सेना की मध्यस्थता में पूर्व पीएम इमरान खान के साथ आजादी मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने के लिए एक समझौता किया। पूर्व पीएम यूसुफ रजा गिलानी, पूर्व स्पीकर अयाज सादिक और मंत्री मौलाना असद महमूद के नेतृत्व में सरकार ने खान के पीटीआई नेताओं के साथ बातचीत की। इससे पहले परवेज खट्टक ने सेना की मध्यस्थता में दोनों पक्षों से मतभेद सुलझाने की अपील की गई। बातचीत में इस बात पर सहमति बनी कि पीटीआई को इस्लामाबाद में रैली की अनुमति दी जाएगी और उसके समर्थक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद वापस लौट जाएंगे। यह भी सहमति बनीं कि प्रदर्शनकारियों के समक्ष खड़ी की सभी बाधाएं हटा ली जाएंगी।