पाकिस्तान के संविधान के तहत प्रधानमंत्री इमरान खान के पास ऐसा कोई कानूनी या सांविधानिक अधिकार नहीं है, जिससे वह गिलगित-बाल्टिस्तान को अंतरिम प्रांत का दर्जा दे सकें। कश्मीर नेशनल पार्टी के अध्यक्ष अब्बास बट ने वर्चुअल ऑनलाइन प्रोग्राम माय वॉइस में यह जानकारी दी।
बट ने कहा, भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35ए संविधान के प्रावधानों के तहत हटाए पर पाकिस्तान के संविधान में कहा गया है कि इस क्षेत्र को प्रांत नहीं बनाया जा सकता और ना स्थिति में बदलाव किया जा सकता है, इसके बावजूद इमरान ने ऐसा किया।
भारत ने अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के समय कानून का पालन किया लेकिन इमरान ने गैर कानूनी रूप से कार्य किया। पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के बीच विवाद की जड़ पाकिस्तान के संविधान का अनुच्छेद 257 है।
इस अनुच्छेद का पहला शब्द ही विवादित है, जो कहता है कि जब जम्मू-कश्मीर के लोग पाकिस्तान के साथ जाने के बारे में तय करेंगे तब उनकी इच्छा के अनुसार उनके मामले तय होंगे। ऐसे में अगर गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत बनाना था तो यह वहां के लोग तय करते।