पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मंगलवार को अल-कादिर ट्रस्ट घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी पर अरबों रुपये की रिश्वत के रूप में लेने का आरोप है।
लेकिन इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों का कहना है कि इस मामले में उनके नेता को जबरन फंसाया गया है। पीटीआई समर्थकों के मुताबिक शहबाज शरीफ सरकार और देश का सैन्य प्रतिष्ठान इमरान को जेल में डालने पर आमादा थे और इसके लिए आरोप गढ़े गए। पिछले एक साल में इमरान खान पर 140 से ज्यादा मुकदमे ठोके गए हैं, जिनमें कुछ पर उनके खिलाफ आतंकवाद विरोधी धाराएं भी लगाई गई हैं।
वैसे अल कादिर ट्रस्ट मामले की शुरुआत पांच साल पहले हुई थी, जब पाकिस्तान की नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) ने इसकी जांच शुरू की थी। इस मामले का संबंध ब्रिटिश सरकार के प्रॉपर्टी कारोबारी मलिक रियाज के साथ 19 करोड़ पाउंड का सेटलमेंट करने से है। इस सेटमलेंट के तहत लंदन में पांच करोड़ पाउंड की जायदाद और बैंकों में फ्रीज की गई नकदी रियाज परिवार को मिली थी। एनसीए के मुताबिक रियाज की जायदाद का मामला दिसंबर 2018 में सामने आया, जब पीटीआई सत्ता में आई थी। आरोप है कि यह सेटलमेंट कराने में इमरान खान और उनकी पत्नी ने भूमिका निभाई।
इस बीच रियाज के खिलाफ कराची के बाहरी इलाके में अरबों रुपये की जमीन गैर-कानूनी ढंग से हथियाने का मामला भी सामने आया। इस वर्ष के आरंभ में रियाज ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी कंपनी बाहरिया टाउन लिमिटेड की तरफ से 460 अरब (पाकिस्तानी) रुपये का भुगतान कर मामले का सेटलमेंट करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। बाद में रियाज ने सुप्रीम कोर्ट में वह रकम जमा भी करा दी थी।
इमरान खान इस मामले के घेरे में जून 2022 में आए, जब एक कथित ऑडियो क्लिप लीक हुआ था। इस ऑडियो में मलिक रियाज अपनी बेटी से बातचीत करते सुने गए। दोनों के बीच फराह खान उर्फ गोगी की तरफ से मांगी गई रकम को लेकर बातचीत हो रही थी। गोगी इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की खास दोस्त हैं। इसमें गोगी को इमरान खान सरकार से दिलाए गए फायदों का जिक्र करते सुना गया। लेकिन तब मलिक रियाज ने ट्विट कर ऑडियो क्लिप को फर्जी बताया था।
इसके बावजूद शहबाज शरीफ सरकार में गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि इमरान खान और उनकी पत्नी ने सैकड़ों कनाल जमीन रियाज को दिलवाने के लिए पांच अरब रुपये की घूस ली थी। बाद इस मामले की जांच शुरू की गई। अब इसी मामले में इमरान खान को गिरफ्तार किया गया है।
कानून के कई जानकारों की भी राय है कि इस मामले में आरोप को साबित करना बहुत मुश्किल होगा। सिर्फ एक ऑडियो क्लिप के आधार पर मुकदमे इमरान खान को दोषी साबित करना कठिन है। इसके बावजूद इसी मामले में इमरान को गिरफ्तार किया गया है, तो जाहिर है, उनके समर्थक सरकार की मंशा पर ही अधिक सवाल उठा रहे हैं।