पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वीकार किया कि देश के लोग बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं। उन्होंने कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था के उबरने तक लोगों से 'मजबूत बने रहने' की अपील की है।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मीडिया में इस तरह की खबरें आ रही है कि खान की सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से राहत पैकेज प्राप्त करने के करीब है।
रावलपिंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खान ने कहा, 'यह पूरी तरह सही है कि हमारे लोग कुछ मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। बिजली महंगी है। गैस महंगी है।' उन्होंने कहा, 'मैं समझ सकता हूं कि महंगाई बढ़ रही है।'
व्यापार ठप होने से घर बेचने को मजबूर है जनता
व्यापार ठप होने का सीधा असर ट्रक ऑपरेटर्स पर पड़ा है। 14 फरवरी से लेकर अब तक ट्रक ऑपरेटर्स ने केवल 250 ट्रक ही बेचें हैं। इनमें से कईं ट्रक ऑपरेटर ऐसे भी हैं, जिन्होंने बैंक से लोन लेकर ट्रक खरीदा था। ऐसे में अब उनके लिए किस्त चुकाना मुश्किल हो गया है। उनका हाल इतना बुरा है कि वो अब अपनी जमीन और घर बेचने के लिए मजबूर हैं।
इंतजार के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
इस संदर्भ में अटारी ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन के प्रधान कुलविंदर सिंह संधू ने बताया कि, 'आईसीपी बनने के बाद 160 लोगों ने 517 गाड़ियां खरीदी थीं। लेकिन भारत की ओर से आयात शुल्क बढ़ाने के बाद से काम पूरी तरह से बंद हो गया है। एक डेढ़-महीने इंतजार भी किया कि शायद काम चल जाए, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।'
पाकिस्तान में आई भुखमरी की नौबत
कुली यूनियन के प्रधान बूटा सिंह ने बताया कि, 'आईसीपी में कुल 2400 कुली लगे हुए थे। सभी एक हजार से 500 रुपये की दिहाड़ी कमा लेते थे और घर परिवार आराम से चल रहा था। लेकिन काम बंद होने से भुखमरी की नौबत आ गई है।' उन्होंने कहा कि अब दुकान वाले राशन भी उधार पर नहीं देते हैं।