पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित संगठनों और निजी लोगों की संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने इसका एलान किया।
फैसल ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (धन-संपत्ति पर रोक और जब्ती) आदेश 2019 जारी किया। इसका उद्देश्य (आतंकवादी) घोषित व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ सुरक्षा परिषद प्रतिबंधों को लागू करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाना है। ’’ रविवार को सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था कि सरकार ने पहले भी जैश ए मोहम्मद समेत प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कदम उठाये हैं और उनके खिलाफ कोई भी भावी कार्रवाई राष्ट्रीय कार्ययोजना तथा वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के संबंध में पाकिस्तान के वादों के आलोक में होगी।
हालांकि एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान ने भारत के साथ तनाव घटाने के लिए जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर समेत आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जैश ए मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई शीघ्र ही किसी भी समय होने की संभावना है। डॉन अखबार ने भी सोमवार को खबर दी कि देश में चरमपंथी और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई आसन्न है। नये कानून से पाकिस्तान को प्रतिबंधित संगठनों और व्यक्तियों की संपत्तियों को जब्त कर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अमेरिका ने पिछले महीने पाकिस्तान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा नामित आतंकवादी संगठनों एवं उनके नेताओं के पैसों और अन्य वित्तीय संपत्तियों पर अविलंब रोक लगाने को कहा था। पाकिस्तान पर पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) भी आतंकवाद के वित्तपोषण को बंद करने के अपने वादो को पूरा करने का दबाव डाल रहा है। एफएटीएफ ने पिछले साल जून में पाकिस्तान को अपनी निगरानी सूची में डाल दिया था ताकि वह आतंकवपादी संगठनों को मदद देने बंद कर करे।