कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बड़ी राहत मिली है। आईएमएफ ने फिर से पाकिस्तान को 45 करोड़ डॉलर का बेलआउट पैकेज दिया है। आईएमएफ ने पाकिस्तान को आर्थिक मदद की दूसरी किश्त के तौर पर 45.24 करोड़ डॉलर की रकम मुहैया कराई।
दिसंबर की शुरुआत में भी पाकिस्तान ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से 1.3 अरब डॉलर का कर्ज लिया था। इसके अलावा उसने चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे मित्र देशों से 10.40 अरब डॉलर का कर्ज लिया है। हाल के कुछ वर्षों में पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बिल्कुल सुस्त पड़ गई है। वह विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में उसे जरूरी खर्चे निकालने के लिए विभिन्न मंचों से कर्ज लेना पड़ रहा है।
आईएमएफ ने हाल में पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्त पोषण पर रोक नहीं लगाने के लिए नसीहत दी थी। आईएमएफ ने कहा था कि वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को काली सूची में डालने की स्थिति में वह बर्बाद हो जाएगा। एफएटीएफ ने पाक को फरवरी, 2020 तक अपनी ‘ग्रे सूची’ में डाला है। उसने कहा है कि पाक अगर उसकी ओर से सौंपे गए 27 में से 22 बिंदुओं का अनुपालन करने में विफल रहता है, तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा।