चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने बृहस्पतिवार को स्वीकारा कि भारतीय सेना के साथ उसके संबंधों में सुधार हो रहा है। पीएलए ने इसके लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रणनीतिक वार्ता, व्यावहारिक सहयोग और दोनों देशों के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए आभार दिया है।
पीएलए के रक्षा प्रवक्ता कर्नल वू किआन ने कहा कि हाल ही में आतंकवाद पर हुए भारत-चीन के संयुक्त युद्धाभ्यास यह दर्शाता है कि दोनों ही देश आतंकवाद से लड़ने के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन को लेकर प्रतिबद्ध हैं। इस साल भारत के साथ संबंध पर सवाल का जवाब देते हुए कर्नल वू ने कहा कि भारत-चीन के रिश्तों में सैन्य रिश्ते सबसे महत्वपूर्ण हैं, जिनमें सुधार हो रहा है। इसके लिए दोनों ही राष्ट्राध्यक्षों का प्रयास शानदार है और हम इसके लिए उनका अभिनंदन करते हैं।
मालूम हो कि शी जिनपिंग ने अपने अक्तूबर में चेन्नई में हुई शिखर बैठक में कहा था कि आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए हमें ऐसे मुद्दों को बड़ी ही सावधानी से संभालना चाहिए जिनका हल अभी नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा था कि हमें दोनों देशों की सेना के बीच रिश्तों में दोस्ताना सहयोग के साथ गलत फहमियों को दूर करते हुए विश्वास बहाली को विकसित करना चाहिए। हाल ही में नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर 22वें दौर की वार्ता हुई थी।