अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई आठ फरवरी से शुरू की जाएगी। दूसरी बार महाभियोग की कार्यवाही का सामना करने वाले ट्रंप अमेरिकी इतिहास के पहले राष्ट्रपति होंगे। महाभियोग के प्रबंधकों ने डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सीनेट के परीक्षण में गवाही देने के लिए कहा है।
ट्रंप के वकीलों ने महाभियोग की सुनवाई को बताया असंवैधानिक
वहीं डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने कहा है कि उनके खिलाफ चल रही महाभियोग की प्रक्रिया असंवैधानिक है। ट्रंप की टीम ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा है कि अब ट्रंप ‘राष्ट्रपति’ नहीं हैं, इसलिए इस तरह की कार्यवाही को निरस्त किया जाना चाहिए।
सीनेट में सुनवाई से पहले वकीलों ने प्रारंभिक प्रतिक्रिया में यह बात कही है। ट्रंप के वकीलों ने कहा कि महाभियोग असंवैधानिक है और ट्रंप पर प्रावधान लागू नहीं होते क्योंकि वह अब राष्ट्रपति नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘महाभियोग ऐसे व्यक्ति पर चलाया जाता है, जिसके पास इससे संबंधित पद हो। क्योंकि वह (ट्रंप) अब राष्ट्रपति नहीं हैं, इसलिए उनपर महाभियोग नहीं चलाया जा सकता।’
रिपब्लिकन सांसदों ने किया था महाभियोग का समर्थन
कैपिटल हिल में हिंसा को भड़काने के मामले में डेमोक्रेट सदस्यों के साथ ही 10 रिपब्लिकन सांसदों ने भी 13 जनवरी को ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही का समर्थन किया था। महाभियोग पर सुनवाई के लिए सीनेट में दो तिहाई मतों की जरूरत होगी। वर्तमान में सौ सीटों वाली सीनेट में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों दलों के 50-50 सदस्य हैं। दो तिहाई बहुमत के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी के कम से कम 17 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।