अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इंटरनेट की सार्वभौमिक और सस्ती पहुंच की कमी दुनिया में आय की असमानता को बढ़ा सकती है। इसके लिए उन्होंने डिजिटल अनुकूल कारोबार और नियामक वातावरण को बढ़ावा देने का आग्रह किया है। उन्होंने दुनिया में इंटरनेट की पहुंच को प्रोत्साहन देना जरूरी बताया।
आईएमएफ के राजकोषीय मामलों के विभाग में उप प्रभाग प्रमुख मर्सिडीज गार्सिया एस्केबानो ने कहा कि अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और कनाडा जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक पहुंच दर हैं। हालांकि, बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आबादी में इंटरनेट यूजरों के अनुपात में बड़ी असमानता हैं जो ब्राजील और मैक्सिको में लगभग दो-तिहाई से लेकर भारत में लगभग एक तिहाई तक होती हैं।
उप-सहारा अफ्रीका के देशों में एशिया उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में से है, जो मोबाइल मनी लेनदेन में अग्रणी होने के बावजूद इंटरनेट की सबसे कम पहुंच वाले हैं। एस्केबानो ने कहा कि उप-सहारा अफ्रीका में फर्मों द्वारा इंटरनेट कनेक्टिविटी में भी काफी भिन्नता है। यूरोप और मध्य एशिया में लगभग 85 प्रतिशत की तुलना में सिर्फ 60 प्रतिशत व्यवसाय के लिए ईमेल का उपयोग किया जाता है।