अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के कार्यकारी निदेशक मंडल ने सोमवार को पाकिस्तान के विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) कार्यक्रम को फिर से बहाल करने को मंजूरी दे दी है। इससे नकदी संकट से जूझ रहे देश को 7वीं और 8वीं किस्त के रूप में 1.17 अरब अमेरिकी डॉलर (9300 करोड़ से अधिक) मिलेंगे। बाढ़ के कहर को झेल रहे पड़ोसी मुल्क के लिए ये बड़ी राहत की खबर है।
पाकिस्तानी मुद्रा अब तक के सबसे निचले स्तर पर
अप्रैल में इमरान के निष्कासन और आईएमएफ सहायता को लेकर अनिश्चितता के बीच पाकिस्तान की मुद्रा अब तक के सबसे निचले स्तर 240 पर आ गई है। इस महीने की शुरुआत में, न्यूयॉर्क स्थित रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने बढ़ती मुद्रास्फीति और सख्त वैश्विक वित्तीय स्थितियों को देखते हुए पाकिस्तान की दीर्घकालिक रेटिंग को 'स्थिर' से बढ़ाकर 'नकारात्मक' कर दिया था।
43 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है पाकिस्तान
पाकिस्तान के ऊपर आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, चीन और अन्य देशों से मिला कर्ज उसकी कुल जीडीपी का 70 फीसदी तक पहुंच चुका है। यह जानकारी खुद स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के कार्यकारी गवर्नर मुर्तजा सैयद ने जुलाई में दी थी। पाकिस्तान के ऊपर इस समय कुल 43 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये का कर्ज है। इसमें से 18 लाख करोड़ रुपये का कर्ज पिछले तीन साल के दौरान लिया गया है। लगातार घट रहे विदेशी मुद्रा भंडार और गोल्ड रिजर्व के कारण पाकिस्तान के लिए इस कर्ज की किस्तें चुकाना भी बहुत बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
पाकिस्तान में महंगाई शीर्ष पर
आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान में ईंधन का आयात प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर बाजार में महंगाई पर भी देखने को मिल रहा है। बाढ़ के कारण भी महंगाई अचानक तेजी से बढ़ी है। पाकिस्तान के सबसे संपन्न प्रांत पंजाब में रविवार को टमाटर के दाम 500 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि प्याज के दाम 400 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।