पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता का संघर्ष अब भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने चुनाव धांधली की शिकायत अमेरिका से लेकर आईएमएफ तक से की। इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने शुक्रवार को जेल में बंद खान के अनुरोध को खारिज कर दिया है। खान ने आरोप लगाया था कि आम चुनावों में धांधली हुई है और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने से पहले ऑडिट किया जाए, जिससे सहायता राशि का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग न किया जा सके। उन्होंने आईएमएफ से आग्रह किया था कि इस्लामाबाद के साथ कोई भी नया सौदा कराए जाने से पहले चुनाव परिणामों की गहन जांच कराई जाए।
आग्रह खारिज करते हुए आईएमएफ ने की यह टिप्पणी
आईएमएफ प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि हमें खान की ओर से भेजा गया पत्र प्राप्त हो गया है लेकिन चुनाव ऑडिट की मांग को खारिज किया जाता है। आईएमएफ के संचार विभाग के निदेशक जूली कोजैक ने कहा कि आईएमएफ घरेलू राजनीति पर हस्तक्षेप नहीं करता है। आर्थिक स्थिरता सहित तमाम परेशानियों को देखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि सभी चुनावी विवादों का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण समाधान हो सके। पाकिस्तान के साथ हमारा संबंध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और समावेशी विकास को बहाल करने के लिए मजबूत नीतियों को लागू करने पर ही केंद्रित है। हम वित्तीय सहायता के माध्यम से पाकिस्तान में कमजोर लोगों को बढ़ावा देने, ऊर्जा क्षेत्र की व्यवहार्यता को बहाल करने, निवेश और रोजगार करने के साथ निजी व्यवसायों के लिए समान अवसर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
आईएमएफ से छह बिलियन डॉलर की मदद मांग सकती है नई पाकिस्तानी सरकार
कोजैक ने कहा कि आईएमएफ नई कैबिनेट के गठन के तुरंत बाद स्टैंड-बाय की दूसरी समीक्षा के लिए एक मिशन आयोजित करने के लिए तैयार है। सूत्रों ने कहा कि नई सरकार भुगतान संतुलन के मुद्दे से निपटने के लिए आईएमएफ से लगभग 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नया ऋण मांगेगी।