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West Asia Crisis: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच आईईए देशों का बड़ा फैसला, जारी किया जाएगा 400 मिलियन बैरल तेल

Wed, 11 Mar 2026 10:16 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

पश्चिम एशिया संकट के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने पर इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने 32 सदस्य देशों के भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है। यह तेल चरणबद्ध तरीके से बाजार में आएगा। भारत ने इस कदम का स्वागत करते हुए वैश्विक बाजार स्थिरता के लिए समर्थन जताया।
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तेल खरीद - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच एक अहम कदम उठाते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने बुधवार को घोषणा की कि 32 सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन बैरल (40 करोड़ बैरल) तेल जारी किया जाएगा, ताकि वैश्विक तेल बाजार में आई आपूर्ति बाधा को दूर किया जा सके। यह आपातकालीन तेल भंडार हर सदस्य देश की परिस्थितियों के अनुसार तय समय सीमा में बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, कुछ देश इस कदम के साथ अतिरिक्त आपात उपाय भी लागू करेंगे। भारत ने बुधवार को वैश्विक तेल कीमतों को काबू में रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) द्वारा आपातकालीन तेल भंडार जारी करने के फैसले का स्वागत किया है।

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 600 मिलियन बैरल उद्योग से जुड़ा तेल भंडार
आईईए के सदस्य देशों के पास 1.2 बिलियन बैरल से ज्यादा का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है, जबकि इसके अलावा लगभग 600 मिलियन बैरल उद्योग से जुड़ा तेल भंडार भी सरकारों के नियंत्रण में रखा गया है। आईईए के इतिहास में यह छठी बार है जब सदस्य देशों ने मिलकर तेल भंडार जारी करने का फैसला किया है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में दो बार ऐसा कदम उठाया गया था।

आईईए के अनुसार, यह फैसला सदस्य देशों की एक आपात बैठक के बाद लिया गया, जिसे आईईए के कार्यकारी निदेशक ने बुलाया था। इस बैठक में मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल बाजार की स्थिति का आकलन किया गया और आपूर्ति बाधा से निपटने के विकल्पों पर चर्चा की गई।
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आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा, "तेल बाजार में हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे अभूतपूर्व पैमाने की हैं, इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि आईईए सदस्य देशों ने इतिहास की सबसे बड़ी सामूहिक आपात कार्रवाई की है।

उन्होंने आगे कहा कि तेल बाजार वैश्विक होता है, इसलिए बड़े व्यवधानों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रिया भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आईईए की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है, और सदस्य देशों द्वारा मिलकर उठाया गया यह कदम मजबूत एकजुटता को दर्शाता है।

आईईए के फैसले का भारत ने किया स्वागत
भारत ने आईईए द्वारा आपातकालीन तेल भंडार जारी करने के फैसले का स्वागत किया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार वैश्विक ऊर्जा बाजारों की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है, खासकर पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर।अधिकारी ने कहा कि भारत, आईईए के प्रयासों के अनुरूप वैश्विक बाजार स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाने को तैयार है। भारत आईईए का सहयोगी सदस्य है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सहयोग में सक्रिय रूप से भाग लेता है।पश्चिम एशिया संकट के बीच एक अहम फैसले में आईईए के सदस्य देशों ने बुधवार को तेल बाजार में आई बाधाओं को दूर करने के लिए 32 सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई।

28 फरवरी से शुरू हुए मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल के प्रवाह पर गंभीर असर पड़ा है। मौजूदा समय में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है। इस वजह से क्षेत्र की कई कंपनियों को तेल उत्पादन कम करना या अस्थायी रूप से बंद करना पड़ रहा है।साल 2025 में औसतन रोजाना करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और तेल उत्पाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरते थे, जो दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है। आईईए ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बायपास कर तेल आपूर्ति के विकल्प फिलहाल काफी सीमित हैं, इसलिए बाजार को स्थिर रखने के लिए यह आपात कदम जरूरी हो गया है।
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इनपुट: आईएएनएस

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