फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईसीएचआरआरएफ ने कहा: चीन का लंबे समय से जारी बर्ताव चिंता का विषय, तिब्बती समूह को अमेरिकी संगठन का समर्थन

Tue, 22 Feb 2022 02:27 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, बीजिंग।

सार

आईसीएचआरआरएफ ने एक बयान में कहा, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना, इसकी सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और पीएलए का लंबे समय से जारी दुर्व्यवहार चिंता का विषय हैं।
विज्ञापन
चीन का झंडा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन में आयोजित बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक का विरोध कर रहे उइगर, तिब्बती और लद्दाखी मानवाधिकार पैरोकारों के साथ अमेरिका स्थित एक अधिकार संगठन ने एकजुटता जताई है। ओलंपिक समापन समारोह से ठीक एक दिन पूर्व मानवधिकार व धार्मिक आजादी के लिए वैश्विक आयोग (आईसीएचआरआरएफ) ने एक ऑनलाइन संगोष्ठी में यह बात कही।

विज्ञापन


इस दौरान तिब्बती, उइगर और लद्दाखी (गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र) समुदायों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने उनके सामने आने वाली समकालीन चुनौतियों पर अपनी टिप्पणियां दीं। आईसीएचआरआरएफ ने एक बयान में कहा, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना, इसकी सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और पीएलए का लंबे समय से जारी दुर्व्यवहार चिंता का विषय हैं।

समूह ने कहा, अधिकांश लोकतंत्रों ने बीजिंग शीतकालीन ओपंपिक का कूटनीतिक बहिष्कार किया है, क्योंकि सीसीपी का अपने ही घर में मानवाधिकारों के उल्लंघन और अपने पड़ोसियों के खिलाफ क्षेत्रीय आक्रमण का रिकॉर्ड खराब है। इस दौरान वक्ताओं में डेनवर विवि के कानून के प्रोफेसर, वेद नंदा, तिब्बती निर्वासन और हार्वर्ड में पढ़े वकील थिनले चुक्की, तिब्बती युवा कांग्रेस महासचिव सोनम त्सेरिंग और प्रो. नवांग लेगशे ने भी चीनी बर्ताव की निंदा की।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें