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ट्रंप के क्रैकडाउन पर बवाल: बेकसूर पर चलाई गोली, फिर खुद ही बना पीड़ित; अब टेक्सास में दबोचा गया भगोड़ा अफसर

Sat, 30 May 2026 01:35 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, मिनियापोलिस।

सार

अमेरिका के मिनियापोलिस में एक नागरिक को गोली मारने और फिर झूठी कहानी गढ़ने वाले इमिग्रेशन अफसर क्रिश्चियन कास्त्रो को पुलिस ने टेक्सास से दबोच लिया है। इस घटना और अभियान के दौरान हुई मौतों के बाद अब स्थानीय काउंटी प्रशासन और संघीय सरकार के बीच कानूनी अधिकार क्षेत्र की लड़ाई बेहद तेज हो गई है।
 
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मिनियापोलिस शूटिंग केस - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका में आव्रजन विभाग का एक बड़ा अधिकारी कानून के फंदे में फंस गया है। ट्रंप सरकार के समय चले 'ऑपरेशन मेट्रो सर्ज' के दौरान इस अधिकारी ने एक बेकसूर नागरिक को गोली मार दी थी। अदालत में केस दर्ज होने के बाद से ही यह अफसर फरार चल रहा था, जिसे 11 दिनों की तलाश के बाद शुक्रवार को टेक्सास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अफसर क्रिश्चियन कास्त्रो पर जानलेवा हमला करने और खुद को बचाने के लिए पुलिस को झूठी कहानी सुनाने का संगीन आरोप है।
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झूठी कहानी, सच्चा वीडियो
यह सनसनीखेज मामला इसी साल 14 जनवरी का है। हेनेपिन काउंटी के वकीलों ने बताया कि 52 साल का अफसर क्रिश्चियन कास्त्रो और उसका एक साथी, अल्फ्रेडो अलेजांद्रो नामक व्यक्ति का पीछा कर रहे थे। भागते-भागते वे मिनियापोलिस के एक अपार्टमेंट के पास पहुंचे। वहां कास्त्रो ने बिना सोचे-समझे घर के सामने वाले दरवाजे पर सीधे गोली चला दी। यह गोली वहां अंदर मौजूद जूलियो सीजर सोसा-सेलिस की जांघ में जा लगी। हैरानी की बात यह है कि ये दोनों ही पीड़ित कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे थे।

गोली मारने के बाद अधिकारियों ने खुद को बचाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी रची। उन्होंने पीड़ित नागरिकों पर ही झाड़ू और बर्फ हटाने वाले बेलचे से हमला करने का झूठा आरोप लगा दिया। लेकिन जल्द ही चालाकी धरी की धरी रह गई। शहर के एक सरकारी कैमरे का फुटेज सामने आ गया, जिसने अफसरों के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने पीड़ितों पर लगे सारे आरोप हटा दिए और आरोपी अफसर पर जांच बैठ गई।
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यह भी पढ़ें: US: मिनियापोलिस शूटिंग के वीडियो ने पलटी पूरी कहानी, अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों पर झूठी गवाही का गहराया शक

सरकार बनाम सरकार की जंग
इस गिरफ्तारी के बाद अमेरिका में स्थानीय प्रशासन और केंद्र सरकार के बीच ठन गई है। विवाद इस बात पर है कि ऑन-ड्यूटी सरकारी अफसरों पर केस चलाने का हक आखिर किसके पास है। काउंटी की वकील मैरी मोरियार्टी इस मामले में झुकने को तैयार नहीं हैं। मैरी मोरियार्टी ने कहा, 'आरोपी कास्त्रो की गिरफ्तारी हमारे केस के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी है।' दूसरी तरफ, इमिग्रेशन विभाग भड़क गया है। उसने इस पूरी कार्रवाई को गैरकानूनी और एक पॉलिटिकल स्टंट यानी राजनीतिक नाटक बताया है।
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गुस्से में उबले लोग
ट्रंप प्रशासन ने इस पूरे अभियान के तहत हजारों अफसरों को मिनियापोलिस के इलाके में भेजा था। सरकार को लगा कि यह मिशन कामयाब रहा, लेकिन स्थानीय लोग बेहद गुस्से में हैं। इसी क्रैकडाउन के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों, रेनी गुड और एलेक्स प्रेट्टी की भी सरकारी अफसरों की गोली से मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे शहर में भारी दंगे और बवाल हुए थे। स्थानीय प्रशासन अब उन मौतों की भी गहराई से जांच कर रहा है।
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