Myanmar: म्यांमार के सैन्य अभियान के कारण करीब सात लाख रोहिंग्या लोग बांग्लादेश भागने पर मजबूर हो गए थे। इस अभियान के दौरान इस तरह की खबरें सामने आई थीं, जिनमें सामूहिक हत्याओं, दुष्कर्म और आगजनी की घटनाओं का जिक्र किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजक करीम खान ने बुधवार को म्यांमार के सैन्य शासक मिन आंग लैइंग के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की मांग की। उन पर 2017 में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ की गई बर्बर कार्रवाई में भूमिका निभाने का आरोप है। म्यांमार के सैन्य अभियान के कारण करीब सात लाख रोहिंग्या लोग बांग्लादेश भागने पर मजबूर हो गए थे। इस अभियान के दौरान इस तरह की खबरें सामने आई थीं, जिनमें सामूहिक हत्याओं, दुष्कर्म और आगजनी की घटनाओं का जिक्र किया गया था।
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आईसीसी के अभियोजक करीम खान ने कहा, यहां यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि मिन आंग लैइंग पर रोहिंग्या समुदाय और मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया जा सकता है, जिसमें निर्वासन और उत्पीड़न शामिल हैं। हालांकि, म्यांमार आईसीसी की सदस्य नहीं है। लेकिन बांग्लादेश सदस्य है। आईसीसी मानता है कि वह उन अपराधों की सुनवाई कर सकता है जो सीमा के पार भी हुए हैं।
इस कदम को रोहिंग्या संकट के लिए एक न्याय की ओर एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भी समीक्षा के अधीन है। गाम्बिया ने म्यांमार पर नरसंहार सम्मेलन (जेनोसाइड कन्वेंशन) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। मिन आंग लैइंग ने 2021 में म्यांमार में तख्तापलट किया था। उसके बाद लोकतंत्र समर्थकों के खिलाफ हिंसा बढ़ गई। हजारों नागरिकों के मारे जाने की खबरें आ चुकी हैं और कई जातीय अल्पसंख्यकों को हवाई हमलों और सामूहिक हत्याओं का सामना करना पड़ा है।
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इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के म्यांमार विशेषज्ञ रिचर्ड हॉर्सी ने कहा, म्यांमार के सेना प्रमुख के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करना एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन इसका तुरंत कोई असर होने पर संदेह है। उन्होंने कहा कि म्यामांर के सेना प्रमुख अंतरराष्ट्रीय दवाब के प्रति अधिक संवेदनशील नहीं है। फिर भी यह कदम प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य संगठनों ने इस कदम को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि म्यांमार में अब तक किसी भी बड़े नेता को रोहिंग्या संकट के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, जबकि यह एक बड़ा अपराध है। आईसीसी अभियोजक खान ने कहा कि यह गिरफ्तारी वारंट अंतिम नहीं होगा और भविष्य में और भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे।