यूक्रेन के चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र ने काम करना बंद कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से इसका संपर्क भी टूट गया है। यूक्रेन के 15 परमाणु संयंत्रों में से इस समय आठ चल रहे हैं। चेर्नोबिल और जपोरिजिया परमाणु संयंत्र पर रूस का कब्जा है।
24 फरवरी को यूक्रेन पर हमले की शुरुआत करने के बाद रूस की सेना ने पिछले महीने इसके चेर्नोबिल परमाणु पावर प्लांट पर नियंत्रण हासिल कर लिया था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने बुधवार को कहा कि पावर प्लांट में लगे मानिटरिंग सिस्टम ने डाटा भेजना बंद कर दिया है। आईएईए ने पूर्वी यूक्रेन में स्थित इस पावर प्लांट में रूसी सेना के निर्देशों पर काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
विज्ञापन
यूक्रेन के परमाणु नियामक से मिली जानकारी का हवाला देते हुए आईएईए ने कहा कि चेर्नोबिल साइट इस समय काम नहीं कर रही है और परमाणु सामग्री का संचालन इस समय रोक दिया गया है। यहां पर निष्क्रिय रिएक्टरों के साथ-साथ रेडियोधर्मी अपशिष्ट सुविधाएं भी हैं। आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने कहा कि चेर्नोबिल परमाणु पावर प्लांट में स्थापित किए गए सेफगार्ड मॉनिटरिंग सिस्टम से डाटा ट्रांसमिशन समाप्त हो चुका है।
एजेंसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि यूक्रेन में अन्य स्थानों पर मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थिति पर नजर डाली जा रही है। जल्द ही इस संबंध में और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। एजेंसी ने यूक्रेन के अधिकारियों को बता दिया है कि यह चेर्नोबिल संयंत्र के सुरक्षित प्रबंधन के लिए कर्मचारियों की अदला-बदली करना बहुत जरूरी है। यहां पर रूस के कब्जे के बाद लगभग 210 कर्मचारी लगातार दो सप्ताह से काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ हमले की शुरुआत की। रूस इसे एक विशेष सैन्य अभियान कहता है।
आईएईए के अनुसार चेर्नोबिल संयंत्र में कर्मचारी पिछले 13 दिन से रह रहे हैं। यह दुनिया की सबसे भीषण परमाणु आपदा की जगह है। उनके पास भोजन, पानी और दवाओं की सीमित पहुंच तो है लेकिन उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रोसी ने कहा कि मैं चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कर्मचारियों के सामने आने वाली कठिन और तनावपूर्ण स्थिति और परमाणु सुरक्षा के लिए संभावित जोखिमों के बारे में बहुत अधिक चिंतित हूं।