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Trump Teary Eyes: 'मेरी आंखों से आंसू आ रहे लेकिन..', नक्शे में 'अमेरिका की खाड़ी' नाम देखकर भावुक हुए ट्रंप

Thu, 27 Feb 2025 04:09 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।

सार

Trump Teary Eyes: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को ओवल ऑफिस में 'अमेरिका की खाड़ी' नाम का नक्शा देखकर भावुक हो गए। उन्होंने ही नाम बदलकर 'अमेरिका की खाड़ी' रखने का आदेश दिया था, जिसका कुछ मीडिया संगठनों ने विरोध किया था। 
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ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : एक्स/मार्गो मार्टिन
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को ओवल ऑफिस में एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान नक्शे में 'अमेरिका की खाड़ी' का नाम देखने के बाद भावुक हो गए। 

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उन्होंने नक्शे की ओर इशारा करते हुए कहा, मैं बस इसे देख रहा हूं। यह बहुत खूबसूरत है, वास्तव में बहुत खूबसूरत। मेरी आंखों में आंसू आ रहे हैं, लेकिन यह मत कहिएगा कि ट्रंप टूट गए और रो पड़े। ट्रंप की विशेष सलाहकार और संचार सलाहकार मार्गो मार्टिन ने 'एक्स' पर इसका वीडियो साझा किया। 

   

ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : एक्स/मार्गो मार्टिन
ट्रंप ने दिया था मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने का आदेश
राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने विवादित कार्यकारी आदेश दिया था, जिसमें उन्होंने 'मेक्सिको की खाड़ी' का नाम बदलकर 'अमेरिका की खाड़ी' रखने की घोषणा की थी। व्हाइट हाउस ने नाम बदलने का समर्थन किया है। हालांकि, कई एसोसिएटेड प्रेस (एपी) सहित कई मीडिया संस्थानों ने इसका विरोध किया और 'मेक्सिको की खाड़ी' नाम ही इस्तेमाल करने का एलान किया। 

एपी ने कोर्ट में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दाखिल किया केस 
यह विवाद तब और बढ़ गया जब व्हाइट हाउस ने एपी को महत्वपूर्ण प्रेस कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से रोक दिया। एपी के संवाददाताओं को एयर फोर्स वन पर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था। इस पर एपी ने कोर्ट में केस किया और कहा कि प्रशासन ने प्रेस की आजादी और उनके अधिकारों का उल्लंघन किया है। 
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ट्रंप प्रशासन और प्रमुख समाचार संगठनों के बीच तनाव महत्वपूर्ण मुद्दा
इसके जवाब में संघीय जज ने एपी ने तत्काल राहत की याचिका खारिज की। मामले पर पूरी सुनवाई मार्च में होगी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, राष्ट्रपति से सवाल करने का अधिकार एक विशेषाधिकार है, कानूनी अधिकार नहीं। सरकार के पास प्रेस के साथ अपने संबंधों को प्रबंधित करने का अधिकार है। मीडिया की पहुंच और नाम बदलने को लेकर जारी विवाद ट्रंप प्रशासन और प्रमुख समाचार संगठनों के बीच तनाव का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। 

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