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US: हश मनी मामले में अपनी सजा के खिलाफ ट्रंप ने दायर की अपील; राष्ट्रपति के दो सह-आरोपियों के भी मामले खत्म

Wed, 29 Jan 2025 11:32 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।

सार

US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एक एडल्ट स्टार को चुप रहने के लिए पैसे देने के मामले में अपनी सजा के खिलाफ अपील दायर की है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश और कानून के गलत इस्तेमाल का मामला बताया है। वहीं, ट्रंप के दो सह-आरोपियों के खिलाफ गोपनीय दस्तावेजों के मामले में चल रही आपराधिक कार्रवाई भी न्याय विभाग ने समाप्त कर दी है।
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हश मनी मामले में अपनी सजा के खिलाफ अपील दायर की है। यह सजा उन्हें एक एडल्ट स्टार को चुप रहने के लिए पैसे देने के मामले में मिली थी। ट्रंप पहले ऐसे शख्स बने, जिन्होंने आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद राष्ट्रपति का चुनाव जीता। 

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ट्रंप के वकीलों ने बुधवार को न्यूयॉर्क की कोर्ट में दायर एक अपील में कहा कि उनकी सजा को पलट दिया जाए। ट्रंप पर आरोप था कि उन्होंने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एक एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को 1,30,000 डॉलर दिए थे, ताकि वह इस बात को न बताएं कि उनका ट्रंप से संबंध था। इस मामले में ट्रंप ने अपने वकीलों को भी शामिल किया था और इस भुगतान को कानूनी खर्च के रूप में दिखाया था। 
  
अदालत में ट्रंप के खिलाफ कई मामले चल रहे हैं, जिनमें से एक मामला यह था। अपील दायर करने के बाद अब ट्रंप के वकील इस फैसले को बदलवाने क लिए अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे। ट्रंप के वकील रॉबर्ट जे. जुफ्रा ने कहा कि यह अपील कानूनी रूप से महत्वपूर्ण है और यह राष्ट्रपति पद और देश की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैनहट्टन के अभियोजक ने ट्रंप को निशाना बनाने के लिए कानून का गलत इस्तेमाल किया है। 
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10 जनवरी को ट्रंप को 'बिना दंड' की सजा सुनाई गई, जिसका मतलब है कि उनकी सजा रिकॉर्ड पर रहेगी, लेकिन उन्हें जेल, जुर्माना या किसी और सजा का सामना नहीं करना होगा। ट्रंप ने पहले ही कह दिया था कि वह इस फैसले को चुनौती देंगे। लेकिन वह तब तक अपील नहीं कर सकते थे, जब तक कि उन्हें सजा न मिल जाए। ट्रंप के वकील ने कोर्ट से कहा कि यह मामला उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश है। उन्होंने इसे सरकारी शक्ति का गलत इस्तेमाल और एक राजनीतिक हथियार बताया। 
 
ट्रंप के वकील ने यह भी कहा कि ट्रंप ने यह पैसे अपने परिवार को बचाने के लिए दिए थे, न कि चुनावी अभियान को बचाने के लिए। यह मामला न्यूयॉर्क की कोर्ट में चल रहा है और ट्रंप को खुद को माफी देने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि राष्ट्रपति की माफी केवल राष्ट्रीय अपराधों के लिए लागू होती है, जबकि यह मामला राज्य स्तर का है। 

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ट्रंप के दो सह-आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई समाप्त
वहीं, अमेरिका के न्याय विभाग ने गोपनीय दस्तावेजों से छेड़छाड़ के मामले में राष्ट्रपति ट्रंप के दो सह-आरोपियों वाल्ट नाउटा और कार्लोस डी ओलिवेरा के खिलाफ सभी आपराधिक कार्रवाई समाप्त कर दी। इन दोनों पर आरोप था कि उन्होंने ट्रंप के साथ मिलकर गोपनीय दस्तावेज मामले में एफबीआई की जांच में रुकावट डाली थी। यह दस्तावेज ट्रंप व्हाइट हाउस से अपने साथ ले गए थे। 

नाउटा ट्रंप के सचिव थे और ओलिवेरा मार-ए-लागो संपत्ति के प्रबंधक थे। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने जानबूझकर मामले की जांच में अड़चन डाली। यह घटना तब हुई थी जब ट्रंप ने 2016 के चुनाव के बाद कुछ गोपनीय दस्तावेज अपने साथ ले गए थे। इस मामले में पहले अदालत ने यह कहते हुए जुलाई में ट्रंप के खिलाफ मामला खारिज कर दिया था कि मामले की जांच करने वाले विशेष वकील जैक स्मिथ को गैरकानूनी तरीके से नियुक्त किया गया था। इसके बाद ट्रंप के खिलाफ आरोपों को खत्म कर दिया गया था। लेकिन नाउटा और डी ओलिवेरा के किलाफ मामले पर फैसला लंबित था। 

 
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