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हश मनी मामला: शपथ ग्रहण से 11 दिन पहले मुश्किल में डोनाल्ड ट्रंप, सुप्रीम कोर्ट ने सजा को रोकने से किया इनकार

Thu, 09 Jan 2025 10:10 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अल्बानी (अमेरिका)।

सार

Hush Money Case: अमेरिका के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने से पहले रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप संकट में फंस गए हैं। दरअसल, देश के सुप्रीम कोर्ट ने हश-मनी मामले में सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।  
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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न्यूयॉर्क की सर्वोच्च अदालत ने एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के लिए पैसे देने के मामले (हश मनी) में डोनाल्ड ट्रंप की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

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न्यूयॉर्क कोर्ट ऑफ अपील्स के जज ने ट्रंप की कानूनी टीम की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वह सजा देने पर रोक नहीं लगा सकते। ट्रंप के वकीलों ने बुधवार को शीर्ष अदालत का रुख किया था। इससे पहले, न्यूयॉर्क की अदालत ने जज जुआन एम मर्चेन द्वारा सुनाई जाने वाली सजा को स्थगित करने से इन्कार कर दिया था। जज मर्चेन ने पिछले साल मई में ट्रंप के खिलाफ 34 फर्जी व्यापारिक रिकॉर्ड के मामलों में मुकदमा चलाया था और उन्हें दोषी ठहराया था।

अपनी याचिका में ट्रंप के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक पुराने फैसले का हवाला दिया, जिसमें यह कहा गया था कि राष्ट्रपति को कुछ मामलों में आपराधिक आरोपों से सुरक्षा (इम्युनिटी) मिलती है। उनका कहना था कि इस फैसले के आधार पर ट्रंप के खिलाफ जो सबूत न्यूयॉर्क के हश-मनी मामले में इस्तेमाल हुए हैं, उन्हें राष्ट्रपति की सुरक्षा के तहत छिपाया जाना चाहिए। लेकिन न्यायाधीश ने इस पर असहमति जताते हुए कहा था कि यह संभव नहीं है।
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क्या है हश मनी मामला
एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स ने दावा किया था कि करीब एक दशक पहले ट्रंप ने उनके साथ यौन संबंध बनाए थे। डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में राष्ट्रपति चुनाव से पहले उन्हें चुप रहने के लिए 1.3 लाख डॉलर (का भुगतान किया था। बाद में ट्रंप को भुगतान को छुपाने के लिए व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का दोषी पाया गया था।

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